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राजस्थान के जयपुर से ऐसे गैंग पुलिस के हत्थे चढ़ा है जो देश की बड़ी से बड़ी यूनिवर्सिटी की फर्जी डिग्रियां, मार्कशीट और सर्टिफिकेट उपलब्ध कराता था, इस गिरोह का संबंध राजस्थान सेकेंड ग्रेड टीचर भर्ती पेपर लीक मामले के मास्टरमाइंड भूपेंद्र सारण से भी है, उसकी ही निशानदेही पर पुलिस ने इस गैंग के सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने 4000 से ज्यादा फर्जी डिग्रियां बरामद की हैं, साथ ही प्रोडक्शन वारंट पर भूपेंद्र सारण के आलावा आरोपी अजय, कैलाश, अशोक और प्रमोद को गिरफ्तार किया है, येलोग 30-40 हजार रुपये में फर्जी डिग्रियां, मार्कशीट और सर्टिफिकेट बेचा करते थे। जयपुर पश्चिम पुलिस उपायुक्त वंदिता राणा ने बताया, ”सेकेंड ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा में सक्रिय नकल गिरोह के आरोपियों के कब्जे से बीते साल दिसंबर में फर्जी डिग्रियां और सर्टिफिकेट मिले थे, इस पर मामला दर्ज करके जांच की गई थी, इसमें सामने आया है कि मुख्य सरगना भूपेन्द्र सारण है और वो उस वक्त मौके से फरार चल रहा था। भूपेन्द्र सारण को हाई सिक्योरिटी कारागृह घूघरा घाटी अजमेर में न्यायिक हिरासत में रखा गया है, न्यायालय के आदेश पर भूपेन्द्र सारण को करणी विहार थाना पुलिस ने प्रोडक्शन वारंट प्राप्त कर इस मामले में गहनता से पूछताछ की, इसमें सामने आया कि वो आरोपी अशोक विजय से ये फर्जी डिग्रियां, मार्कशीट और सर्टिफिकेट लेता था, उपायुक्त वंदिता राणा के मुताबिक, विजय का नाम पता चलने के बाद उसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई थी, फिर अशोक विजय और कैलाश को गिरफ्तार कर लिया, आरोपियों ने पुलिस को बताया कि नकल प्रकरण चर्चा में होने के कारण ऑफिस सांगानेर में शिफ्ट कर दिया है,आरोपियों के बताए स्थान पर दबिश देकर पुलिस ने विभिन्न शैक्षणिक संस्थाओं के 4000 से अधिक फर्जी दस्तावेज बरामद किए साथ ही उनको तैयार करने की पेज शीट रिम, स्याही की शीशियां जब्त कीं। राजस्थान में ग्रेड 2 शिक्षक भर्ती 6 फेज में आयोजित की जा रही थी, जिसके लिए करीब 13 लाख उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन किया था, 24 दिसंबर को जनरल नॉलेज को पेपर होना था लेकिन पेपर शुरू होने से ठीक पहले पेपर सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था, मामले में मास्टर माइंड भूपेंद्र सारण को गिरफ्तार किया गया था।
Jaipur: 4 thousand fake degrees recovered, Saran turned out to be the mastermind!
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