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चुनावी साल में कयासों का बाज़ार गर्म है, नेता एक पार्टी के हों या फिर अलग अलग दल के …तस्वीरें बहुत वायरल हो रही हैं, अब इन तस्वीरों के मतलब निकाले जाएं तो ना जाने मन में कैसे कैसे ख्याल आ जाएंगे,अब कहने वालों का कोई मुंह पकड़ सकता है क्या, कभी किसी को भी उठाकर कांग्रेस में भेज देते हैं तो किसी को रातोरात बीजेपी ज्वाइन करवा देते हैं, चुनावी साल में सब बेबाक बोलते हैं, क्यों कि बोलने में कोई पैसा भी खर्च नहीं होता। ठीक भी है नेताओं का काम है बोलना और हमारा काम है उनकी बातों को तोलना, तो जनाब आप बोलते रहिए हम तोलते रहेंगे…और जो जैसा करेगा उसकी पोल भी खोलते रहेंगे !
Rajasthan Political crisis update
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