Rajasthan Politics: 'बद्दुआ जरूर लगेगी', डोटासरा के सामने सचिन पायलट ने किसके लिए कही ये बात

राजस्थान तक

27 Jul 2024 (अपडेटेड: Jul 27 2024 11:37 AM)

Rajasthan Politics: राजस्थान में सचिन पायलट की दीवानगी लोगों में देखने को मिलती ही है, वहीं पार्टी के युवा नेता भी उन्हें सबसे अधिक पसंद करते हैं. बात चाहे किसी भी कार्यक्रम की हो.

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Rajasthan Politics: राजस्थान में सचिन पायलट की दीवानगी लोगों में देखने को मिलती ही है, वहीं पार्टी के युवा नेता भी उन्हें सबसे अधिक पसंद करते हैं. बात चाहे किसी भी कार्यक्रम की हो. जब तक पायलट की एंट्री ना हो जाए तब तक माहौल नहीं जमता. ऐसा ही नजारा बीते दिन एनएसयूआई प्रदेशाध्यक्ष के शपथ समारोह में देखने को मिला. जहां पायलट ने इशारों ही इशारों में अशोक गहलोत पर तंज कसा. पायलट अब गहलोत का नाम तो नहीं ले रहे, लेकिन खुलकर कह रहे हैं कि जिसने आपके लिए मेहनत की, आपके साथ खड़ा रहा, दोस्तों कुर्सी और पद मिलने के बाद उसे भूल गए तो उसकी बद्दुआ जरूर लगेगी. 

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सचिन पायलट ने कल ये बातें तब कहीं, जब एनएसयूआई के नए प्रदेश अध्यक्ष विनोद जाखड़ अपना पदभार ग्रहण कर रहे थे, इस मौके पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा भी मौजूद थे, पायलट ने सबका नाम लिया और जो बातें कहीं उससे तो ऐसा ही लगा मानो अब गहलोत गुट वाले सारे नेता पायलट के खेमे में आ चुके हैं. 

पायलट ने डोटासरा का नाम लिया था, तभी सबको पता चल गया था कि अध्यक्ष जी भी अब उधर के नहीं रहे, इधर के हो चुके हैं. डोटासरा जी ने जब माइक थामा तो उन्होंने भी सचिन पायलट का नाम लिया, और सबसे बता दिया कि मेरे चुनाव में पायलट साहब ने कैसे दबाकर मेहनत की थी.     

कल तक जो लोग अशोक गहलोत के साथ चला करते थे, उनके खासमखास हुआ करते थे, वहीं लोग अब सचिन पायलट के साथ खुलकर खड़े हैं, अब जरा सोचिए....ये तस्वीरें जब गहलोत जी ने देखी होंगी तो उनपर क्या बीती होगी. शायद किसी ने सच ही कहा है कि यही तो सियासत है, ना तो दुश्मनी ही परमानेंट रहती है और ना ही दोस्ती का कोई वक्त होता है, कब किसके साथ हो जाए पता नहीं.