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जयपुर में चांदी का टकसाल वाले राम प्रसाद मीणा दुनिया छोड़ गए..जाते-जाते अपनी मौत के लिए मंत्री महेश जोशी को ज़िम्मेदार ठहरा गए, लेकिन राम प्रसाद के परिजनों की ये चीखें सरकार को सुनाई नहीं देतीं, परिवार में मातम इस कदर पसरा है कि किसी ने पिछले पांच दिन से अन्न का एक दाना भी नहीं खाया है, रो-रोकर परिवार का ऐसा हाल हो गया कि अब तो इन्हें भी अस्पताल ले जाने की नौबत आ गई है। राम प्रसाद की पत्नी सुमन और उनकी बुजुर्ग मां गुलाब देवी की तबियत बिगड़ गई, हालत इतनी खराब हो गई कि एंबुलेंस बुलाकर अस्पताल भेजना पड़ गया। घर में पति का शव पड़ा है, पत्नी अस्पताल में है, मां भी बुढ़ापे में ये दिन देखेगी सपने में भी नहीं सोचा होगा। राम प्रसाद का परिवार जिस दर्द से गुजर रहा है उस दर्द का अहसास शायद सिर्फ किरोड़ी बाबा को ही है,क्यों कि बाबा ने कसम खाई है कि जब तक परिवार को न्याय नहीं दिलवा देते यहीं पर डटे रहेंगे। राम प्रसाद के परिवार का दर्द आखिर सरकार को नजर क्यों नहीं आ रहा, कहते हैं कोई कितना भी अच्छा या बुरा इंसान क्यों ना हो, लेकिन मरते हुए झूठ नहीं बोल सकता, यहां तो राम प्रसाद मीणा ने बाकायदा वीडियो बनाया है, लेटर लिखा है और सबको बताया है कि उनकी मौत के लिए मंत्री महेश जोशी जी ही जिम्मेदार हैं, फिर आखिर ऐसी क्या वजह है कि सरकार ने कानों में रुई डाल ली है आंखों पर पट्टी बांध रखी है। माना कि चुनाव होने हैं सरकार व्यस्त है, लेकिन कम से कम सरकार का कोई नुमाइंदा इस गरीब परिवार के दरवाजे पर तो आता और बस इतना कह देता कि घबराइए मत सरकार आपके साथ है नाइंसाफी नहीं होगी, लेकिन सबको लगता है सांप सूंघ गया है, सरकार हाथ पर हाथ धड़े बैठी है, शायद इस घर से और लाशों के निकलने का इंतजार कर रही है, कि जब गम में परिवार खत्म हो जाए तो शायद कोई इंसाफ की मांग ही ना करे। किरोड़ी लाल मीणा, सचिन पायलट, और खुद सरकार के मंत्री मुरारी लाल मीणा भी खुलकर पूछ रहे हैं कि आखिर महेश जोशी को क्यों बचाया जा रहा है, तो गहलोत साहब कानून का हवाला देकर अपनी जिम्मेदारी से ही पल्ला झाड़ रहे हैं।
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