चंबल घड़ियाल्स ने इंदौर के होल्कर स्टेडियम में खेले गए फाइनल में रॉयल निमार ईगल्स को 31 रनों से हराकर आदित्य बिड़ला ग्रुप मध्य प्रदेश लीग (MPL) T20 सिंधिया कप 2026 में शानदार प्रदर्शन किया. यह जीत फ्रेंचाइजी के लिए एक ऐतिहासिक 'डबल' (दोहरी जीत) थी, क्योंकि इससे पहले चंबल घड़ियाल्स की महिला टीम ने भी बिना कोई मैच हारे खिताब जीता था. पुरुष टीम ने भी वैसा ही किया और टूर्नामेंट में बिना कोई मैच हारे जीत हासिल की.
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पहले बल्लेबाजी करने उतरी चंबल घड़ियाल्स ने मौके का पूरा फायदा उठाया और अपने निर्धारित 20 ओवरों में 224/5 का मजबूत स्कोर बनाया. ओपनर हर्ष दीक्षित और अंकुश सिंह ने तेज शुरुआत की और पहले विकेट के लिए सिर्फ 3.4 ओवर में 35 रन जोड़े, जिसके बाद दीक्षित 18 गेंदों में 32 रन बनाकर आउट हो गए. इसके तुरंत बाद अंकुश भी 9 गेंदों में 12 रन बनाकर आउट हो गए, जिससे घड़ियाल्स का स्कोर 45/2 हो गया. जब पारी एक अहम मोड़ पर थी, तब अपूर्व द्विवेदी कप्तान शुभम शर्मा के साथ जुड़े और दोनों ने तीसरे विकेट के लिए शानदार 83 रनों की साझेदारी करके मैच का रुख बदल दिया. इस साझेदारी के दौरान द्विवेदी ने आक्रामक बल्लेबाजी की और आउट होने से पहले सिर्फ 25 गेंदों में 51 रन बनाए, जिसमें पांच छक्के शामिल थे.
शर्मा ने पारी को संभाले रखा और उन्हें त्रिपुरेश सिंह का बेहतरीन साथ मिला. इस जोड़ी ने 47 रन और जोड़े, जिसके बाद कप्तान 38 गेंदों में 57 रनों की संयमित पारी खेलकर आउट हो गए. इसके बाद त्रिपुरेश ने सुनिश्चित किया कि चंबल का अंत शानदार हो; उन्हें रोहित गुप्ता का अच्छा साथ मिला, जिन्होंने सिर्फ सात गेंदों में 17 रन बनाए. त्रिपुरेश 24 गेंदों में 43 रन बनाकर नाबाद रहे, जिसमें तीन चौके और तीन छक्के शामिल थे, और इस तरह चंबल घड़ियाल्स ने 224/5 का विशाल स्कोर खड़ा किया. जहां बल्लेबाजों ने चौकों और छक्कों की बारिश से होल्कर स्टेडियम में धूम मचा दी, वहीं दर्शकों को पारी के बीच में एक शानदार शो भी देखने को मिला, जिसने जश्न के माहौल को और भी खास बना दिया.
रॉयल निमार ईगल्स की आक्रामक शुरुआत
225 रनों का पीछा करते हुए, रॉयल निमार ईगल्स ने आक्रामक शुरुआत की. धर्मेश पटेल और हिमांशु मंत्री ने पहले ही ओवर में 21 रन बनाए और आवेश खान की गेंदों पर तीन छक्के जड़े. मंत्री को अपनी पारी की शुरुआत में ही जीवनदान मिला, जब अमन भदौरिया ने अपनी ही गेंदबाजी पर एक आसान कैच छोड़ दिया. हालांकि, चंबल ने जल्द ही वापसी की और त्रिपुरेश सिंह ने धर्मेश पटेल को 8 गेंदों पर 17 रन के निजी स्कोर पर एलबीडब्ल्यू आउट कर दिया.
इसके बाद मंत्री ने कनिष्क दुबे के साथ 35 रनों की साझेदारी की, लेकिन भदौरिया ने दुबे को सिर्फ 10 गेंदों पर 21 रन के स्कोर पर बोल्ड कर दिया. इसके बाद ईगल्स ने नियमित अंतराल पर विकेट गंवाए और धीरे-धीरे जरूरी रन-रेट से पिछड़ते चले गए. अभिषेक मावी ने 39 गेंदों पर नाबाद 73 रन बनाकर अकेले संघर्ष किया, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से ज्यादा साथ नहीं मिला और चंबल ने पूरे चेज़ के दौरान मैच पर अपनी पकड़ बनाए रखी.
मयूर पटेल बेहतरीन गेंदबाज साबित हुए
मयूर पटेल सबसे बेहतरीन गेंदबाज रहे, जिन्होंने अपने चार ओवरों में 2/21 के शानदार आंकड़े दर्ज किए. आखिरकार रॉयल निमार ईगल्स की टीम अपने 20 ओवरों में 193/7 के स्कोर तक ही सीमित रह गई.
इस ऐतिहासिक जीत पर बात करते हुए चंबल घड़ियाल्स के मालिक दिव्याराज सिंह किरार ने कहा, "हमारी महिला और पुरुष दोनों टीमों का ट्रॉफी जीतना एक अविश्वसनीय एहसास है. जो बात इसे और भी खास बनाती है, वह है पूरे टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों का लगातार अच्छा प्रदर्शन. बिना कोई मैच हारे जीतना कभी आसान नहीं होता, और यह इस ग्रुप के कमिटमेंट, टीमवर्क और जज्बे को दर्शाता है. मैं इस शानदार उपलब्धि के लिए सभी खिलाड़ियों, कोचों, सपोर्ट स्टाफ और फ्रेंचाइजी से जुड़े सभी लोगों को बधाई देता हूं."
कप्तान शुभमन शर्मा ने भी इसी भावना को दोहराते हुए कहा, "टूर्नामेंट में पहले हमारी महिला टीम की जीत देखने के बाद यह खिताब जीतना और भी खास लगता है. उनकी सफलता ने हमें आत्मविश्वास और प्रेरणा दी.पूरी प्रतियोगिता के दौरान हमारी सबसे बड़ी ताकत निरंतरता थी. अलग-अलग स्थितियों में अलग-अलग खिलाड़ियों ने जिम्मेदारी संभाली और उस सामूहिक प्रयास ने ही बड़ा अंतर पैदा किया। यह पूरी टीम के लिए गर्व का क्षण है. "
चंबल घड़ियाल्स की महिला टीम ने मारी बाजी
इंदौर के होल्कर स्टेडियम में खेले गए बेहद रोमांचक फाइनल मुकाबले में चंबल घरियाल्स ने ग्वालियर शेरनीस को मात्र 2 रनों से हराकर आदित्य बिरला ग्रुप एमपीएल टी20 2026 की महिला प्रतियोगिता का खिताब जीत लिया. पहले बल्लेबाजी करते हुए चंबल घरियाल्स ने सलामी बल्लेबाज कनिष्क ठाकुर के शानदार अर्धशतक (37 गेंदों में 50 रन) और वैष्णवी सिंह के नाबाद 26 रनों की मदद से 20 ओवर में 146/4 का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया.
जवाब में, ग्वालियर शेरनीस की कप्तान नुज़हत परवीन और ईशाना स्वामी (29 रन) ने 64 रनों की साझेदारी कर टीम को संभाला. अंतिम ओवर में जीत के लिए 20 रनों की दरकार थी. आखिरी गेंद पर नाटकीय रूप से छक्का लगा और वह नो-बॉल रही, जिससे अंतिम गेंद पर फ्री-हिट के साथ 7 रन चाहिए थे. परवीन के चौके के बावजूद ग्वालियर की टीम 20 ओवर में 144/5 रन ही बना सकी. चंबल की इस ऐतिहासिक जीत पर मालिक दिव्यराज सिंह किरार और कप्तान पूजा वस्त्रकार ने टीम को बधाई दी.
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