भारत को टी20 वर्ल्ड कप जिताने वाले सूर्यकुमार यादव ने अपनी कप्तानी जाने और टीम से बाहर किए जाने के फैसले पर पहली बार खुलकर बात की है. उन्होंने बताया कि चयनकर्ताओं के फैसले की जानकारी मिलने के बाद करीब डेढ़ महीने तक वह इसी सवाल का जवाब तलाशते रहे कि आखिर ऐसा कैसे हो गया.
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पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा के यूट्यूब चैनल पर बातचीत में सूर्यकुमार ने अपने उस दौर के बारे में विस्तार से बताया. उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि वह लंबे समय तक भारतीय टी20 टीम की कमान संभालेंगे. उनकी नजर 2028 लॉस एंजिल्स ओलिंपिक और अगले टी20 वर्ल्ड कप पर थी.
दो साल तक कप्तानी के बाद अचानक बदला फैसला
सूर्यकुमार यादव को रोहित शर्मा के टी20 फॉर्मेट से संन्यास लेने के बाद भारतीय टीम की कप्तानी मिली थी. रोहित ने 2024 में वेस्टइंडीज में टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद इस फॉर्मेट को अलविदा कह दिया था.
इसके बाद सूर्यकुमार ने टीम की कमान संभाली. उनके नेतृत्व में भारत ने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया. लेकिन 2026 टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद चयनकर्ताओं ने कप्तानी में बदलाव कर दिया.
अजित अगरकर की अगुआई वाली चयन समिति ने सूर्यकुमार को कप्तानी से हटाकर श्रेयस अय्यर को नया कप्तान बनाया. इतना ही नहीं, इंग्लैंड और आयरलैंड के दौरे के लिए चुनी गई टीम में भी सूर्यकुमार को जगह नहीं मिली. उनके खराब फॉर्म को चयन के पीछे बड़ी वजह बताया गया.
टीम में नाम नहीं देखकर मुस्कुराए सूर्यकुमार
सूर्यकुमार ने बताया कि जब उन्हें पता चला कि टीम में उनका नाम नहीं है, तो उन्होंने खुद को शांत रखने की कोशिश की. उनकी पहली प्रतिक्रिया मुस्कुराने की थी.
उन्होंने कहा कि दबाव वाले हालात में भी वह खुद को संभालने के लिए मुस्कुराते हैं. उन्हें इस फैसले की उम्मीद नहीं थी. इसके बावजूद उन्होंने अपने करियर में मिले मौकों के लिए चयनकर्ताओं और टीम का शुक्रिया अदा किया.
सूर्यकुमार ने यह भी कहा कि उन्होंने खुद को कुछ समय के लिए चयनकर्ताओं की जगह रखकर स्थिति को समझने की कोशिश की. वह जानना चाहते थे कि चयनकर्ता भविष्य के लिए नई टीम तैयार करने के बारे में क्यों सोच रहे हैं.
‘मैंने सोचा था 2028 तक टीम को संभालूंगा’
सूर्यकुमार ने कहा कि उनके दिमाग में भारतीय टीम के साथ आगे की लंबी योजना थी. उन्हें लगा था कि वह 2028 लॉस एंजिल्स ओलिंपिक और अगले टी20 वर्ल्ड कप तक टीम की अगुआई कर सकते हैं.
लेकिन क्रिकेट में खिलाड़ी की सोच और चयनकर्ताओं की योजना अलग हो सकती है. सूर्यकुमार ने कहा कि अगर चयनकर्ताओं ने टीम के भविष्य को ध्यान में रखते हुए फैसला लिया, तो उन्होंने उसे स्वीकार किया.
तीन दिन पहले ही मिल गई थी टीम से बाहर होने की खबर
सूर्यकुमार ने बताया कि टीम की आधिकारिक घोषणा से करीब तीन दिन पहले चयन समिति ने उनसे संपर्क किया था. फोन पर उन्हें साफ बता दिया गया था कि इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज के लिए चुनी जाने वाली टीम में उनका नाम नहीं होगा. चयनकर्ताओं ने उनसे कहा था कि अब आगे बढ़ने का समय है. सूर्यकुमार ने इस बातचीत के दौरान कोई आग्रह नहीं किया. उन्होंने चयनकर्ताओं के फैसले को स्वीकार कर लिया.
उनके मुताबिक, उन्होंने उनसे यही कहा कि अगर यह फैसला टीम के लिए बेहतर समझा गया है तो उन्हें इससे कोई परेशानी नहीं है. उन्होंने यह भी साफ किया कि वह क्रिकेट खेलते रहेंगे और जब टीम को उनकी जरूरत महसूस होगी, तब वापसी के लिए तैयार रहेंगे.
कप्तानी छिनने से ज्यादा बदलाव ने किया परेशान
सूर्यकुमार के लिए सबसे बड़ा सवाल श्रेयस अय्यर को कप्तान बनाया जाना नहीं था. उन्होंने श्रेयस की कप्तानी पर कोई सवाल नहीं उठाया. सूर्यकुमार ने कहा कि वह श्रेयस को काफी समय से जानते हैं. उनके साथ क्रिकेट भी खेल चुके हैं. वह श्रेयस को अच्छा खिलाड़ी मानते हैं और उन्हें भरोसा है कि वह एक अच्छे कप्तान भी साबित हो सकते हैं.
उनकी परेशानी अचानक हुए बदलाव को लेकर थी. जिस टीम के साथ उन्होंने लगातार सफलता हासिल की, उससे उनका रास्ता इतनी जल्दी अलग हो जाएगा, इसकी उन्हें उम्मीद नहीं थी.
‘आखिर बदलाव की जरूरत क्यों पड़ी?’
सूर्यकुमार ने बताया कि शुरुआत में उन्होंने चयनकर्ताओं के फैसले को स्वीकार कर लिया था. लेकिन कुछ समय बाद उनके मन में लगातार एक सवाल उठने लगा. उन्होंने सोचा कि जब टीम लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही थी, तब बदलाव की जरूरत क्यों पड़ी.
उनकी कप्तानी में भारत ने बड़े टूर्नामेंट जीते थे. ऐसे में उन्हें यह फैसला समझने में वक्त लगा. उन्होंने माना कि वह इस पूरे घटनाक्रम से निराश हुए थे.
डेढ़ महीने तक घर पर बैठकर सोचते रहे
टीम से बाहर किए जाने के बाद सूर्यकुमार करीब डेढ़ महीने तक घर पर रहे. परिवार और दोस्त उनके साथ थे. सभी ने उन्हें समझाया कि क्रिकेट में ऐसे दौर आते रहते हैं. लेकिन जब घर में लोग नहीं होते थे, तब वह अकेले रह जाते थे. इसी दौरान वह बार-बार पूरे घटनाक्रम के बारे में सोचते थे.
सूर्यकुमार ने बताया कि उनके दिमाग में यही सवाल घूमता था कि हाल ही में टीम ने वर्ल्ड कप जीता था, फिर अचानक यह स्थिति कैसे आ गई.
वर्ल्ड कप जिताने वाले कप्तान का शानदार रिकॉर्ड
सूर्यकुमार यादव टी20 क्रिकेट में भारत के सफल कप्तानों में शामिल रहे हैं. उनकी कप्तानी में भारतीय टीम ने 52 टी20 मुकाबले खेले. इनमें भारत ने 42 मैच जीते, 8 में हार मिली, जबकि 2 मुकाबलों का नतीजा नहीं निकला.
सूर्यकुमार की अगुआई में भारत ने 2025 एशिया कप और 2026 टी20 वर्ल्ड कप अपने नाम किया. 8 मार्च को 2026 टी20 वर्ल्ड कप जीतकर भारत ने लगातार दूसरी बार इस खिताब पर कब्जा किया. ऐसा करने वाला भारत दुनिया का पहला देश बना.
टी20 में सूर्यकुमार का रिकॉर्ड भी शानदार
सूर्यकुमार यादव ने भारत के लिए अब तक 113 टी20 मैच खेले हैं. उनके नाम 3272 रन हैं. उनका बल्लेबाजी औसत 36.35 और स्ट्राइक रेट 162.94 रहा है.उन्होंने टी20 इंटरनेशनल में 4 शतक और 25 अर्धशतक लगाए हैं. उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 117 रन है. सूर्यकुमार के नाम 297 चौके और 179 छक्के भी दर्ज हैं. फील्डिंग में उन्होंने 58 कैच लिए हैं.
टीम से बाहर होने के बावजूद खेलने के लिए तैयार
कप्तानी जाने और टीम से बाहर होने के बाद भी सूर्यकुमार ने भविष्य को लेकर दरवाजा बंद नहीं किया है. उन्होंने साफ किया कि अगर भारतीय टीम को आगे उनकी जरूरत होती है, तो वह खेलने के लिए तैयार रहेंगे. फिलहाल उनका ध्यान अपने खेल पर है.
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