बाइक और कार चालकों के लिए बड़ी खबर, बदलने वाले है ड्राइविंग का अंदाज, सरकार ला रही है हेडलाइट का नया नियम

न्यूज तक डेस्क

• 09:11 AM • 27 Aug 2026

रात में ड्राइविंग के दौरान सामने से आती तेज रोशनी (ग्लेयर) से होने वाले हादसों को रोकने के लिए सरकार हेडलाइट्स की पावर घटाने और शहरों में बेवजह हाई बीम पर ऑडियो अलर्ट देने का नया नियम लाने जा रही है.

रात में ड्राइविंग का बदल जाएगा अंदाज!
रात में ड्राइविंग का बदल जाएगा अंदाज!
Google CTA

रात में गाड़ी चलाते वक्त सामने से आती किसी गाड़ी की तेज हेडलाइट ने कभी न कभी आपकी आंखें जरूर चौंधियाई होंगी. उस एक पल के लिए ऐसा लगता है जैसे आंखों के सामने सब कुछ गायब हो गया हो और सड़क पर क्या है, कुछ समझ नहीं आता. ड्राइविंग के दौरान होने वाली इसी परेशानी और हादसों को रोकने के लिए अब सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है. सड़क परिवहन मंत्रालय ने गाड़ियों की हेडलाइट्स और रोशनी को लेकर नए नियमों का प्रस्ताव तैयार किया है. अगर यह प्रस्ताव पास हुआ, तो आने वाले दिनों में गाड़ियों की लाइट की पावर से लेकर शहर में हाई बीम इस्तेमाल करने के तरीके तक पूरी तरह बदल जाएंगे.

Read more!

कार वालों के लिए क्या बदलेगा?

अभी तक कारों की हेडलाइट से जितनी बहुत ज्यादा तेज रोशनी निकल सकती थी, सरकार उस पर करीब 33% तक कटौतियां करने की तैयारी में है. मतलब, कार की हेडलाइट की रोशनी अब पहले से काफी कम चुभने वाली होगी, ताकि सामने वाले की आंखें एकदम से अंधी न हों. 

बाइक और स्कूटर वालों के लिए क्या नियम है?

दोपहिया वाहनों की हेडलाइट की पावर को भी लगभग एक-तिहाई तक घटाया जाएगा. इसका सीधा फायदा ये होगा कि रात में जब कोई बाइक आपके सामने से गुजरेगी तो उसकी तेज लाइट से आंखों के आगे अचानक अंधेरा नहीं छाएगा.

वह चुभने वाली नीली या बहुत सफेद लाइट बंद होगी?

आपने देखा होगा कि आजकल गाड़ियों में बहुत तीखी सफेद या नीले रंग की एलइडी (LED) लाइटें आ रही हैं जो आंखों में सुई की तरह चुभती हैं. सरकार अब इसका रंग (कलर टेंपरेचर) तय कर रही है. नई गाइडलाइन के बाद कंपनियां बहुत ज्यादा चुभने वाली लाइटें नहीं लगा पाएंगी. रोशनी ऐसी होगी जो सड़क तो साफ दिखाए, लेकिन सामने वाले को परेशान न करे. 

शहरों में बेवजह हाई बीम जलाया तो बजेगा अलर्ट

अक्सर बाइक स्टार्ट होते ही हेडलाइट अपने आप जल जाती है (जिसे AHO कहते हैं). नए नियमों के बाद, आने वाले नए दोपहिया वाहनों में लाइट अपने आप 'लो बीम' (नीचे की तरफ रहने वाली रोशनी) पर ही जलेगी. इससे फायदा यह होगा कि बाइक स्टार्ट होते ही सामने वाले की आंखों पर अचानक तेज लाइट नहीं पड़ेगी.

शहर में जबरदस्ती हाई बीम जलाया तो गाड़ी खुद टोकेगी

शहरों की सड़कों पर पहले से ही स्ट्रीट लाइट होती है, फिर भी कई लोग बेवजह हाई बीम (ऊपर की तरफ सीधी रोशनी) जलाकर चलते हैं. अब अगर आपने शहर के अंदर बिना जरूरत हाई बीम ऑन रखा, तो आपकी गाड़ी का सिस्टम आपको आवाज (बीप या बीप जैसी वॉर्निंग) देकर टोकने लगेगा कि- 'भाई, हाई बीम बंद करो!'

 हाईवे पर गाड़ियों को क्यों मिली है छूट?

हाईवे पर सड़कें अंधेरी होती हैं और गाड़ियां बहुत तेज चलती हैं, इसलिए वहां दूर तक देखना जरूरी होता है. इसी वजह से नियम बनाया गया है कि अगर आपकी गाड़ी की स्पीड 60 किलोमीटर प्रति घंटा से ज्यादा है, तो गाड़ी आपको कोई ऑडियो अलर्ट नहीं देगी. यानी हाईवे पर आप आराम से हाई बीम का इस्तेमाल कर सकेंगे.

ट्रक और बसों के लिए रिफ्लेक्टिव टेप जरूरी

रात के अंधेरे या कोहरे में भारी गाड़ियों के न दिखने की वजह से होने वाले हादसों को रोकने के लिए बसों और ट्रकों पर रिफ्लेक्टिव टेप लगाना अनिवार्य किया जा सकता है. इससे पीछे या बगल से आ रही गाड़ियों की रोशनी पड़ते ही यह टेप चमकेगी और दूर से ही पता चल जाएगा कि सड़क पर कोई बड़ी गाड़ी खड़ी या चल रही है.

यह नियम कब से लागू हो सकते हैं?

यह ध्यान रखना जरूरी है कि ये बदलाव अभी सिर्फ प्रस्तावित ड्राफ्ट के रूप में पेश किए गए हैं.

  • सुझाव के लिए 30 दिन: सरकार ने वाहन कंपनियों और आम जनता से इस पर 30 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं.
  • संभावित तारीख: सभी पक्षों की राय के बाद, इन नियमों को अप्रैल 2027 से लागू किए जाने की संभावना है.
  • पुरानी गाड़ियों पर असर: ऑटोमैटिक लो बीम जैसे नए नियम केवल नई बनने वाली गाड़ियों पर लागू होंगे, सड़क पर पहले से मौजूद वाहनों पर इनका सीधा असर नहीं पड़ेगा.

ये भी पढ़ें: White Rabbit Technology: भारत ने लॉन्च किया अपना टाइम नेटवर्क, GPS पर निर्भरता होगी खत्म