KCC New Rules 2026: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) अब तीन दशक पुरानी किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना की कायापलट करने जा रहा है. 6 फरवरी को जारी एक नोटिफिकेशन में RBI ने बताया कि खेती की बदलती जरूरतों को देखते हुए नियमों में सुधार की जरूरत है. RBI ने संकेत दिया कि जल्द ही संशोधित गाइडलाइन्स जारी की जाएगी. ताकि किसानों को समय पर और पर्याप्त कर्ज मिल सके.
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KCC पर कितनी मिलती है ब्याज राहत?
फिलहाल किसान क्रेडिट कार्ड के तहत किसानों को रियायती दर पर कर्ज मिलता है. केंद्र सरकार 2% की ब्याज सब्सिडी देती है. इसके अलावा समय पर भुगतान करने पर 3% अतिरिक्त छूट मिलती है. इस तरह प्रभावी ब्याज दर घटकर करीब 4% सालाना रह जाती है.
समय के साथ इस योजना का दायरा बढ़ाया गया है. अब इसमें कृषि से जुड़ी गतिविधियों के साथ कुछ गैर-कृषि निवेश को भी शामिल किया गया है. साल 2004 में इसका विस्तार हुआ था और 2012 में प्रक्रियाओं को सरल बनाकर ई-केसीसी कार्ड जारी किए गए थे.
KCC में प्रस्तावित 4 बड़े बदलाव
1. फसल लोन का स्टैंडर्डाइजेशन
आरबीआई ने फसल ऋण की मंजूरी और पुनर्भुगतान प्रक्रिया को एक समान बनाने का प्रस्ताव रखा है. फसलों को अवधि के आधार पर दो हिस्सों में बांटा जाएगा. 12 महीने वाली फसलें 'शॉर्ट टर्म' और 18 महीने वाली फसलें 'लॉन्ग टर्म' कैटेगरी में आएंगी. इससे बैंकों के बीच नियमों का अंतर खत्म होगा.
2. लंबी अवधि की फसलों के लिए राहत
प्रस्ताव के मुताबिक, लंबी अवधि वाली फसलों के लिए ऋण चुकाने की अवधि बढ़ाई जा सकती है. KCC की कुल वैधता अवधि को 6 साल तक करने का सुझाव दिया गया है. इससे किसानों पर भुगतान का दबाव कम होगा.
3. फसल के हिसाब से तय होगी लोन लिमिट
अब लोन की लिमिट फसल की असल लागत के आधार पर तय होगी. इससे किसानों को 'कम पैसा मिलने' की समस्या से छुटकारा मिलेगा और उनके पास काम के लिए पर्याप्त पूंजी होगी.
4. टेक्नोलॉजी और टिकाऊ खेती को बढ़ावा
आरबीआई ने खेती के उपकरणों की मरम्मत और रखरखाव के लिए मिलने वाली अतिरिक्त 20% राशि के दायरे को बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है. इसमें अब मिट्टी परीक्षण, रियल टाइम मौसम पूर्वानुमान, जैविक खेती प्रमाणन, अच्छी कृषि पद्धति (GAP) से जुड़ी लागत शामिल हो सकते हैं.
6 मार्च 2026 तक मांगी गई प्रतिक्रिया
आरबीआई ने कमर्शियल बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और अन्य वित्तीय संस्थानों से सुझाव मांगे हैं. किसान और अन्य हितधारक भी 6 मार्च 2026 तक आरबीआई की वेबसाइट पर ‘Connect 2 Regulate’ के जरिए या ईमेल से अपनी प्रतिक्रिया भेज सकते हैं.
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