WhatsApp SIM Binding Rule: अगर आप भी मैसेजिंग के लिए व्हाट्सएप (WhatsApp), टेलीग्राम (Telegram) या सिग्नल (Signal) का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है. केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि 'सिम बाइंडिंग' (SIM Binding) के नियमों में कोई ढील नहीं दी जाएगी. इसकी समय-सीमा (Deadline) बढ़ाने से इनकार करते हुए सरकार ने 1 मार्च 2026 से इसे अनिवार्य रूप से लागू करने का फैसला किया है.
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डेडलाइन बढ़ाने से सरकार का इनकार
केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने हाल ही में स्पष्ट किया कि सरकार समय-सीमा में कोई ढील नहीं देगी. उन्होंने कहा कि सुरक्षा से जुड़े मामलों में समझौता नहीं किया जा सकता.
दूरसंचार विभाग (DoT) ने 28 नवंबर 2025 को इस संबंध में गाइडलाइन जारी की थी. कंपनियों को इसे लागू करने के लिए 90 दिनों का समय दिया गया था.
1 मार्च 2026 से नियम होगा अनिवार्य
गाइडलाइन के अनुसार 28 फरवरी 2026 तक कंपनियों को नई व्यवस्था लागू करनी होगी. 1 मार्च से सभी मैसेजिंग ऐप्स पर सिम-बाइंडिंग सिस्टम अनिवार्य रूप से लागू रहेगा. यह नियम सिर्फ मोबाइल ऐप तक सीमित नहीं होगा. वेब और डेस्कटॉप वर्जन पर भी लागू किया जाएगा.
WhatsApp Web और Desktop पर क्या बदलेगा?
अगर आप व्हाट्सएप वेब या डेस्कटॉप का इस्तेमाल करते हैं, तो नया बदलाव आपको सीधे प्रभावित करेगा. अब हर छह घंटे में ऑटो लॉग-आउट होगा. दोबारा लॉगिन के लिए QR कोड स्कैन करना जरूरी होगा. इससे अकाउंट की सुरक्षा मजबूत करने का दावा किया गया है.
क्या है सिम-बाइंडिंग नियम?
अब तक व्हाट्सएप लॉगिन करने के लिए सिर्फ एक बार ओटीपी की जरूरत होती थी, जिसके बाद सिम फोन में न होने पर भी ऐप काम करता रहता था. लेकिन 1 मार्च से ऐसा नहीं होगा.
अब जिस नंबर से आपका अकाउंट बना है, वह सिम कार्ड उसी फोन में सक्रिय (Active) रहना जरूरी है. ऐप समय-समय पर यह चेक करेगा कि सिम फोन में मौजूद है या नहीं. सिम न होने पर आपका अकाउंट बंद हो सकता है.
आम यूजर्स पर क्या असर पड़ेगा?
अगर आपका मोबाइल नंबर चालू है और वही SIM आपके फोन में लगी है, तो घबराने की जरूरत नहीं है.लेकिन अगर आपने SIM निकाल दी, दूसरे फोन में डाल दी या रिचार्ज न कराने से नंबर बंद हो गया तो ऐप दोबारा वेरिफिकेशन मांग सकता है. कुछ मामलों में अकाउंट अस्थायी रूप से बंद भी हो सकता है.
सरकार का मानना है कि इस फैसले से फर्जी अकाउंट और साइबर फ्रॉड पर रोक लगाने में मदद मिलेगी. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पारदर्शिता और सुरक्षा दोनों मजबूत होंगे.
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