IPS केके बिश्नोई की शादी में जाने वाले सपा विधायकों ने दे दिया जवाब, अखिलेश यादव की नाराजगी से मामले ने पकड़ा है तूल

संभल के एसपी के.के. विश्नोई के रिसेप्शन में शामिल होने पर अखिलेश यादव ने नाराजगी जताई है. इस पर विधायक पिंकी यादव ने सफाई दी है कि वह पहले से राजस्थान ट्रिप पर थीं, इसलिए व्यावहारिक तौर पर वहां चली गई थीं.

अखिलेश यादव
अखिलेश यादव

शिवानी गोस्वामी

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उत्तर प्रदेश की सियासत में इन दिनों संभल के पुलिस अधीक्षक (SP) के.के. विश्नोई की रिसेप्शन पार्टी चर्चा का विषय बनी हुई है. इस हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के तीन विधायकों की मौजूदगी ने पार्टी के भीतर और बाहर हलचल तेज कर दी है. खुद सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा है कि विधायकों को वहां नहीं जाना चाहिए था.

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क्या है पूरा मामला?

30 मार्च को संभल के एसपी के.के. विश्नोई और बरेली की एसपी (साउथ) अंशिका वर्मा की शादी का रिसेप्शन जोधपुर में आयोजित किया गया था. इस पार्टी में संभल जिले के तीन सपा विधायक- पिंकी यादव (असमोली), इकबाल महमूद (संभल) और राम खिलाड़ी यादव (गुन्नौर) शामिल हुए थे. सोशल मीडिया पर इन विधायकों की तस्वीरें वायरल होने के बाद अखिलेश यादव ने कड़ा रुख अपनाया.

अखिलेश यादव की नाराजगी

2 अप्रैल को लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब अखिलेश यादव से इस बारे में सवाल किया गया, तो उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, "उन्हें (विधायकों को) शामिल नहीं होना चाहिए था. यह हम लोग आपस में बातचीत करके उन्हें समझाएंगे." सोपा के आधिकारिक मीडिया सेल ने भी सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखकर पुलिस अधिकारियों के 'भाजपाई माइंडसेट' और समाजवादियों के खिलाफ की गई कार्रवाई का जिक्र करते हुए ऐसे कार्यक्रमों से दूरी बनाने की नसीहत दी.

विधायक पिंकी यादव की सफाई

पार्टी प्रमुख की नाराजगी के बाद असमोली विधायक पिंकी यादव ने अपना पक्ष रखा है. उन्होंने बताया कि वह विशेष रूप से रिसेप्शन के लिए जोधपुर नहीं गई थीं. पिंकी यादव के अनुसार:

  • वह पहले से ही अपने परिवार और बच्चों के साथ राजस्थान ट्रिप पर थीं.
  • जोधपुर में मौजूद होने और आमंत्रण मिलने के कारण वह व्यावहारिक तौर पर रिसेप्शन में शामिल हो गईं.
  • उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से कोई फोटो पोस्ट नहीं की थी और न ही कुछ डिलीट किया है.
  • उन्होंने कहा, "हम पार्टी के सिपाही हैं और राष्ट्रीय अध्यक्ष के हर आदेश का पालन करेंगे."

सियासी संदर्भ: संभल हिंसा और प्रशासन का रुख

समाजवादी पार्टी की यह नाराजगी संभल में हुई हालिया हिंसा और उसके बाद सपा नेताओं (सांसद जियाउर्रहमान बर्क और अन्य) के खिलाफ प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई (एफआईआर और बुलडोजर एक्शन) की पृष्ठभूमि में देखी जा रही है. सपा का मानना है कि जो अधिकारी भाजपा के इशारे पर समाजवादियों पर अत्याचार कर रहे हैं, उनसे 'शिष्टाचार' के नाम पर मेलजोल बढ़ाना नैतिक रूप से सही नहीं है.

 

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