उत्तर प्रदेश की सियासत में इन दिनों दो बड़ी खबरें सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक छाई हुई हैं. राजधानी लखनऊ का इको गार्डन एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक के खिलाफ छात्रों के आंदोलन का गवाह बना है. युवाओं के इस 'हल्ला बोल' प्रदर्शन में 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के अभिजीत दीपके भी पहुंचे, जिसकी गूंज पूरे प्रदेश में सुनाई दे रही है. इस मुद्दे को लपकते हुए समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला है.
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अखिलेश यादव का बड़ा हमला
कासगंज पहुंचे अखिलेश यादव ने लखनऊ में चल रहे छात्रों के प्रदर्शन का समर्थन करते हुए योगी सरकार को आड़े हाथों लिया. अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, "यह सरकार लीक वाली सरकार है. ये लीकेज वाले लोग हैं, इनके बहुत लीकेज हैं और जनता अब इन्हें बंद करेगी." सोशल मीडिया पर चल रहे सीजेपी (CJP) के मामलों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि बीजेपी को अपना विरोध स्वीकार नहीं है. अगर कोई विरोध करेगा तो उसे जेल भिजवा देंगे, एनकाउंटर कर देंगे या झूठे मुकदमे लगा देंगे.
कासगंज में 'पीडीए' का बड़ा दांव
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपनी पकड़ मजबूत करने और पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) राजनीति को धार देने के लिए अखिलेश यादव ने कासगंज में बड़ा कार्ड खेला. सपा के पुराने दिग्गज और पूर्व सांसद कुंवर देवेंद्र सिंह यादव की पार्टी में दोबारा वापसी कराई गई है. देवेंद्र सिंह 2024 के चुनावों से पहले बीजेपी में शामिल हो गए थे, लेकिन वहां दो साल रहने के बाद उपेक्षा के चलते उन्होंने फिर से पाला बदल लिया है. उनके आने से इस क्षेत्र में सपा को बड़ी मजबूती मिलने की उम्मीद है. मंच पर अखिलेश यादव का स्वागत एक भगवाधारी बाबा ने मुकुट पहनाकर किया, जो राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है.
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