उत्तर प्रदेश की राजनीति में इस समय पक्ष-विपक्ष की राजनीतिक लड़ाई से अलग एक नया मोड़ सामने आया है. समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव पर सोशल मीडिया पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बेहद सख्त नजर आ रहे हैं. सीएम योगी ने राजनीतिक मतभेदों को किनारे रखते हुए दोटूक शब्दों में कहा है कि किसी भी बेटी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
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आजमगढ़ के मंच से सीएम योगी का बड़ा बयान
आजमगढ़ में 955 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस मुद्दे पर अपनी बात रखी. मंच से जनता को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा, "पिछले दिनों मैं देख रहा था कि समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की पुत्री के खिलाफ कुछ लोगों ने गलत टिप्पणियां की थीं. जैसे ही यह मामला मेरे संज्ञान में आया, मैंने तत्काल पुलिस से कहा कि इसमें एफआईआर दर्ज कराओ. बेटी के खिलाफ कोई भी अपमानजनक टिप्पणी स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए."
सीएम योगी ने भारतीय संस्कृति और ग्रामीण संस्कारों का हवाला देते हुए आगे कहा कि हम उस संस्कार में पले-बढ़े हैं जहां माना जाता है कि गांव की बेटी सबकी बेटी होती है और गांव की बहन सबकी बहन होती है. उन्होंने साफ किया कि बेटी तो बेटी होती है और उसका हर हाल में सम्मान होना चाहिए.
अखिलेश यादव ने सत्ता पक्ष पर साधा था निशाना
इससे पहले, जब एटा में अखिलेश यादव से उनकी बेटी अदिति यादव पर हुई इस टिप्पणी को लेकर सवाल पूछा गया था, तो उन्होंने बिना किसी का नाम लिए सीधे सत्ताधारी दल पर तीखा हमला बोला था. अखिलेश यादव ने भावुक और कड़े लहजे में कहा था, "यह हमला इसलिए हो रहा है क्योंकि जो लोग ऊपर बैठे हैं, उनका कोई परिवार नहीं है. परिवार वाले ही परिवार वालों का दुख-दर्द समझ सकते हैं. जो लोग कुर्सी पर बैठे हैं, उन्हें परिवारों की कोई चिंता नहीं है."
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा विवाद 9 जून को सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक पोस्ट के बाद शुरू हुआ. आरोप है कि कुछ असामाजिक तत्वों ने अदिति यादव की एक तस्वीर को भद्दे तरीके से एडिट किया और सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया. इसके साथ ही उनके खिलाफ चोरी और कुछ अन्य आपराधिक गतिविधियों से जुड़े मनगढ़ंत और झूठे दावे किए गए, जिससे उनकी छवि को नुकसान पहुंचाया जा सके.
यूपी पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई और प्रदर्शन
मामला सामने आते ही समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखने को मिला.
- कानपुर: कानपुर के साइबर क्राइम थाने में इस मामले को लेकर तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की गई है.
- लखनऊ: लखनऊ के हजरतगंज थाने में भी सपा कार्यकर्ताओं ने लिखित शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है.
- शामली व अन्य जिले: शामली सहित उत्तर प्रदेश के कई अलग-अलग जिलों में सपा कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर इस घटना के विरोध में प्रदर्शन किया.
अब सीएम योगी आदित्यनाथ के इस सख्त रुख और त्वरित कार्रवाई के निर्देश के बाद राजनीतिक गलियारों में इसकी खूब चर्चा हो रही है कि मुख्यमंत्री ने राजनीति से ऊपर उठकर एक बेटी के सम्मान की बात की है.
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