Avadhesh Lodhi kathavachak: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने हाल ही में उन्नाव के रहने वाले कथावाचक अवधेश लोधी से मुलाकात की. इस मुलाकात के दौरान अवधेश लोधी अपने साथ हुई आपबीती सुनाते हुए काफी भावुक नजर आए. अखिलेश यादव ने न केवल उन्हें सम्मानित किया, बल्कि उनकी पूरी कहानी को जनता के सामने रखने का मौका भी दिया.
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क्या है पूरा मामला?
उन्नाव के रहने वाले पेशे से कथावाचक अवधेश लोधी का आरोप है कि 6 अप्रैल को लखनऊ में एक कथा संपन्न होने के बाद जब उन्होंने अपनी दक्षिणा मांगी, तो उनके साथ अभद्रता की गई. अवधेश ने बताया कि आरोपी मनीष पांडे और अनूप द्विवेदी उन्हें जबरन अपनी कार में बैठाकर लखनऊ ले गए.
अवधेश लोधी ने आरोप लगाया कि:
- रास्ते में उन्हें जातिसूचक गालियां दी गईं और अपमानित किया गया.
- आरोपियों ने उन्हें जबरन शराब पिलाने की कोशिश की, जिसका विरोध करने पर उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई.
- मारपीट के बाद वे बेहोश हो गए थे. होश आने पर वे किसी तरह जान बचाकर जंगल में छिप गए और अगले दिन पुलिस के पास पहुंचे.
सपा कार्यकर्ताओं के हंगामे के बाद एक्शन
पीड़ित कथावाचक का कहना है कि शुरुआत में पुलिस ने मामले में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई थी. इसके बाद मामला समाजवादी पार्टी के नेताओं तक पहुंचा. सपा नेता सुनील साजन ने सोशल मीडिया (X) पर इस घटना को साझा किया, जिसके बाद सपा कार्यकर्ताओं ने थाने पहुंचकर जमकर हंगामा किया. भारी दबाव के बाद पुलिस ने मनीष पांडे, अनूप द्विवेदी और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया और एक आरोपी को गिरफ्तार किया.
अखिलेश यादव ने दिया मदद का भरोसा
अखिलेश यादव से मुलाकात के दौरान अवधेश लोधी ने अपने गांव में भगवान भोलेनाथ के एक अधूरे मंदिर का जिक्र किया. उन्होंने बताया कि आर्थिक तंगी और इस घटना के कारण मंदिर का काम रुका हुआ है. अखिलेश यादव ने उन्हें ढांढस बंधाया और आश्वासन दिया कि वे उनके मंदिर के निर्माण कार्य में पूरी मदद करेंगे.
कौन हैं अवधेश लोधी?
अवधेश लोधी उन्नाव के कुंजपुर के निवासी हैं और लोधी राजपूत (OBC) समाज से आते हैं. वे कई सालों से विभिन्न स्थानों पर भागवत कथा सुनाने का कार्य करते हैं. इस घटना ने एक बार फिर प्रदेश में दलित और पिछड़ों के साथ होने वाले दुर्व्यवहार के मुद्दे को गरमा दिया है.
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