उत्तर प्रदेश के कानपुर से हाल ही में एक भावुक और राजनीतिक गलियारों में चर्चा बटोरने वाला मामला सामने आया. 15 अगस्त को जब समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव कानपुर के बिल्हौर इलाके से गुजर रहे थे, तब एक छात्रा ने उनका काफिला रोककर ऐसी पेशकश की, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया. छात्रा ने अखिलेश यादव से हाथ जोड़कर कहा- "भैया, आप 2027 में सरकार बनाइए, अगर पैसों की कमी पड़ रही हो तो मेरी सोने की बालियां ले लीजिए ."
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अब इस वीडियो रिपोर्ट के सामने आने के बाद हर कोई जानना चाहता है कि यह लड़की कौन है और उसने अखिलेश यादव से ऐसी बात क्यों कही.
कौन हैं सपना यादव?
कानपुर नगर की बिल्हौर तहसील अंतर्गत ककवन रोड कस्बे की रहने वाली सपना यादव के पिता एक सेवानिवृत्त (रिटायर्ड) शिक्षक हैं . परिवार में दो बहनें और एक भाई हैं . सपना ने ग्रेजुएशन के बाद साल 2018 में बीटीसी (BTC) की ट्रेनिंग पूरी की थी. वह पिछले 6 सालों से प्राथमिक शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रही हैं .
सपना का स्पष्ट कहना है कि वह किसी राजनीतिक दल या संगठन से नहीं जुड़ी हैं. अखिलेश यादव से मिलने और अपनी बालियां देने की पेशकश करने के पीछे किसी का दबाव नहीं था, बल्कि लंबे समय से नौकरी न मिलने से उपजी हताशा और रोजगार पाने की उम्मीद थी.
अखिलेश यादव को क्यों देना चाहती थीं सोने की बालियां?
सपना यादव ने बताया कि 15 अगस्त को जब अखिलेश यादव रसूलाबाद दौरे से लौट रहे थे, तो वह उनसे मिलने पहुंचीं. उन्होंने अखिलेश से अपील की कि वह विधानसभा और लोकसभा में प्राथमिक शिक्षक भर्ती (वैकेंसी) का मुद्दा जोर-शोर से उठाएं.
जब अखिलेश यादव ने कहा कि "बेटा, जब हमारी सरकार आएगी तभी यह संभव हो पाएगा", तो सपना को लगा कि अखिलेश यादव विपक्ष में होने के कारण लाचार महसूस कर रहे हैं. सपना का मानना था कि सपा पिछले 10 सालों से उत्तर प्रदेश की सत्ता से बाहर है, तो शायद पार्टी को आर्थिक रूप से मजबूती की जरूरत हो. उन्होंने सोचा कि एक छात्र के पास उसकी सोने की बालियों के अलावा देने के लिए और क्या हो सकता है, इसलिए उन्होंने अपनी बालियां दान करने की पेशकश कर दी ताकि सपा चुनाव में मजबूती से लड़ सके.
अखिलेश यादव ने क्या कहा?
सपना की इस भावुक अपील पर अखिलेश यादव ने उनकी बालियां लेने से विनम्रतापूर्वक इनकार कर दिया. उन्होंने सपना को ढांढस बंधाया और आश्वासन दिया कि वह बेरोजगार युवाओं और शिक्षक अभ्यर्थियों की लड़ाई पुरजोर तरीके से लड़ेंगे और सरकार बनाने के लिए पूरा प्रयास करेंगे.
कानून व्यवस्था पर योगी सरकार को नंबर
बातचीत के दौरान जब सपना से योगी सरकार के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सम्मान करती हैं और प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था अच्छी है. लेकिन इसके साथ ही उन्होंने रोजगार के मुद्दे पर सरकार को घेरा.
सपना ने कहा, "सुरक्षा तो ठीक है, लेकिन शिक्षा और रोजगार का क्या? अगर लड़कियां पढ़-लिखकर भी आत्मनिर्भर न बन सकें, तो पढ़ाई का क्या मतलब? हर परीक्षा का पेपर लीक हो जाता है या भर्ती ही नहीं आती . हम घर के चूल्हे-चौके तक सीमित नहीं रहना चाहते, हमें अवसर चाहिए." सपना यादव की यह भावुक अपील अब सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है और इसने उत्तर प्रदेश में बेरोजगारी व शिक्षक भर्ती के मुद्दे को एक बार फिर गरमा दिया है.
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