समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव पर सोशल मीडिया पर हुई कथित अमर्यादित टिप्पणी को लेकर सियासी और सामाजिक पारा गरमाया हुआ है. इस पूरे मामले पर अब पहली बार अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया सामने आई है. उत्तर प्रदेश के एटा पहुंचे अखिलेश यादव के बयानों में इस बार एक राजनेता से कहीं ज्यादा एक पिता का दर्द और आक्रोश साफ नजर आया.
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परिवार वाले ही समझते हैं परिवार का दुख-दर्द
मीडिया से बातचीत के दौरान जब अखिलेश यादव से उनकी बेटी अदिति यादव को निशाना बनाए जाने को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने सीधे तौर पर देश और प्रदेश की सत्ता में बैठे शीर्ष नेताओं पर निशाना साधा. अखिलेश यादव ने भावुक और कड़े शब्दों में कहा, "यह इसलिए हमला हो रहा है क्योंकि जो दो लोग ऊपर बैठे हैं उनका कोई परिवार नहीं है. जो बैठे हैं कुर्सी पर, उन्हें परिवारों की कोई चिंता नहीं है. परिवार वाले ही अपना दुख-दर्द समझते हैं और परिवार वालों का दुख-दर्द समझते हैं." अखिलेश यादव के इस बयान से साफ था कि सार्वजनिक जीवन में होने के बावजूद किसी के परिवार और बच्चों को निशाना बनाना कितनी गहरी निजी तकलीफ देता है.
क्या है पूरा विवाद?
यह पूरा मामला 9 जून को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हुई कुछ पोस्ट्स के बाद शुरू हुआ. आरोप है कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा अदिति यादव के खिलाफ चोरी और कुछ अन्य आपराधिक गतिविधियों से जुड़े मनगढ़ंत और पूरी तरह से झूठे दावे किए गए. इतना ही नहीं, उनकी एक तस्वीर को भी बेहद भद्दे और आपत्तिजनक तरीके से एडिट करके पोस्ट किया गया, जिससे उनकी छवि को नुकसान पहुंचाया जा सके.
सपा कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश, FIR दर्ज
मामला सामने आते ही समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी देखी जा रही है:
- कानपुर में कार्रवाई: इस मामले को लेकर कानपुर के साइबर क्राइम थाने में तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली गई है.
- लखनऊ में अल्टीमेटम: लखनऊ के हजरतगंज थाने में भी सपा कार्यकर्ताओं ने लिखित तहरीर देकर सख्त कार्रवाई की मांग की है. कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई, तो वे एक बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे.
- सड़कों पर उतरे कार्यकर्ता: इस घटना के विरोध में शामली समेत उत्तर प्रदेश के कई जिलों में सपा कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर जमकर प्रदर्शन किया.
दादा शिवपाल यादव ने सरकार को घेरा
मैनपुरी पहुंचे समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और अदिति यादव के दादा शिवपाल सिंह यादव ने भी इस मुद्दे पर राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी से ज्यादा निकृष्ट सरकार कोई दूसरी नहीं हो सकती. शिवपाल यादव ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर इस मामले पर समाजवादी पार्टी के लोग हर जिले में सड़क पर उतर आए, तो प्रदेश की कानून-व्यवस्था को संभालना सरकार के लिए भारी पड़ जाएगा. उन्होंने अदिति को संबोधित करते हुए यह भी कहा, "बेटा, आप पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी से हम शर्मिंदा हैं."
पक्ष-विपक्ष से आईं तीखी प्रतिक्रियाएं
अदिति यादव पर हुई इस अभद्र टिप्पणी की निंदा सिर्फ समाजवादी पार्टी तक सीमित नहीं रही, बल्कि सत्तापक्ष और विपक्षी खेमे के अन्य नेताओं ने भी इसकी कड़ी आलोचना की है:
- बीजेपी विधायक राजेश्वर सिंह: सरोजनी नगर से बीजेपी विधायक राजेश्वर सिंह ने अदिति पर हुई टिप्पणी की कड़े शब्दों में निंदा की.
- सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर: एनडीए के सहयोगी और सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने अदिति को अपनी बेटी जैसा बताते हुए इस हरकत को 'गुनाह-ए-अजीम' और बेहद शर्मनाक करार दिया. हालांकि, उन्होंने इस दौरान अखिलेश यादव और सपा की सोशल मीडिया संस्कृति पर भी निशाना साधा. राजभर ने आरोप लगाया कि खुद सपा के लोग भी दूसरों के परिवारों और पिछड़ों को लेकर सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणियां करवाते रहते हैं, इसलिए उन्हें भी अपने गिरेबान में झांकना चाहिए.
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा व गरिमा को लेकर एक बड़ी बहस छेड़ दी है. राजनीति अपनी जगह है, लेकिन जब बात किसी की बेटी तक पहुंचती है, तो वहां एक राजनेता पीछे छूट जाता है और एक पिता का दर्द सामने आ ही जाता है.
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