उत्तर प्रदेश के शामली में हरियाणवी सिंगर और यूट्यूबर अंकित बालियान की हत्या का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है. जिम के बाहर हुई इस सनसनीखेज वारदात के बाद इलाके में लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है. परिवार ने पुलिस को हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए समय दिया था. अब यह अवधि खत्म होने के बाद महापंचायत की चर्चा तेज हो गई है.
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परिवार की नाराजगी और स्थानीय लोगों के आक्रोश को देखते हुए पुलिस-प्रशासन भी सतर्क है. दूसरी तरफ यूपी STF ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए हरियाणा तक छापेमारी शुरू कर दी है. पुलिस की कई टीमें संदिग्ध शूटरों की तलाश में जुटी हैं.
जिम के बाहर अंकित की हत्या से सनसनी
अंकित बालियान शामली के बंटी खेड़ा गांव के रहने वाले थे. वह पूर्व राज्य स्तरीय कबड्डी खिलाड़ी भी रह चुके थे. इसके साथ ही वह हरियाणवी गाने गाते थे और यूट्यूब पर भी सक्रिय थे. बुधवार शाम करीब 6:45 बजे वह कोतवाली क्षेत्र में स्थित जिम के बाहर थे. इसी दौरान चार अज्ञात हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं. हमले में अंकित की मौके पर ही मौत हो गई. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि अंकित को कुल पांच गोलियां लगी थीं. इनमें दो गोलियां सिर में लगी थीं. हत्या के बाद से ही गांव और आसपास के इलाके में तनाव का माहौल है.
पत्नी ने दी आत्मदाह की चेतावनी
अंकित की पत्नी पुलिस की जांच से संतुष्ट नहीं हैं. उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि चार दिन के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो वह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आवास के बाहर आत्मदाह करेंगी. मृतक के पिता सत्यवीर फौजी ने भी पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि पुलिस ने चार दिन का समय मांगा था. परिवार पांचवां दिन देने के लिए भी तैयार है. लेकिन अगर इसके बाद भी न्याय नहीं मिला तो उन्होंने खुद बदला लेने की बात कही है. परिवार की इन चेतावनियों के बाद पुलिस प्रशासन की चिंता बढ़ गई है.
महापंचायत की चर्चा से प्रशासन अलर्ट
अंकित के परिजन हत्यारों के एनकाउंटर की मांग कर रहे हैं. वहीं पूर्व सैनिकों और समाज के लोगों के बीच महापंचायत बुलाए जाने की चर्चा चल रही है. इससे इलाके में बड़ी भीड़ जुटने की आशंका है.
हालात को देखते हुए शामली के डीएम आलोक यादव और एसपी एनपी सिंह घटना के चौथे दिन बंटी खेड़ा गांव पहुंचे. दोनों अधिकारियों ने अंकित के पिता और पत्नी से मुलाकात की. उन्होंने परिवार को आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया. साथ ही प्रशासन की ओर से हरसंभव मदद का आश्वासन दिया.
हत्या के विरोध में शनिवार शाम जाट एकता दल की ओर से कैंडल मार्च निकालने की तैयारी थी. मार्च जिम से शुरू होकर शिव चौक तक प्रस्तावित था. पुलिस को जब बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की जानकारी मिली तो अधिकारी मौके पर पहुंचे. आयोजकों से बातचीत की गई. पुलिस ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए मार्च स्थगित करने के लिए कहा. इसके बाद कैंडल मार्च टाल दिया गया.
हरियाणा तक पहुंची पुलिस की जांच
अंकित के पिता की शिकायत पर चार अज्ञात हमलावरों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. मामले की जांच में यूपी STF के साथ शामली, बागपत और मेरठ पुलिस की टीमें भी लगी हैं. जांच एजेंसियां हमलावरों के संभावित भागने के रास्तों की पड़ताल कर रही हैं. लोनी, दिल्ली और सोनीपत के रास्ते में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है. पुलिस टीमों ने हरियाणा के रोहतक तक दबिश दी है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक STF शूटरों तक पहुंचने के करीब है और जल्द ही गिरफ्तारी की उम्मीद जताई जा रही है.
गोगी गैंग के पोस्ट की भी जांच
हत्या के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट सामने आया था. इसमें गोगी गैंग की ओर से अंकित बालियान की हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया. पुलिस इस पोस्ट की भी जांच कर रही है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि पोस्ट वास्तव में गैंग से जुड़ा है या किसी ने पुलिस को गुमराह करने के लिए इसे सोशल मीडिया पर डाला है.
नेताओं के पहुंचने से बढ़ी राजनीतिक हलचल
अंकित हत्याकांड के बाद शामली में राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं. सपा सांसद इकरा हसन, विधायक पंकज मलिक, आप नेता संजय सिंह, यूपी सरकार में मंत्री अनिल कुमार और भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद परिवार से मिलने पहुंचे. विपक्षी दलों ने इस घटना को लेकर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं. सपा और कांग्रेस ने सरकार से आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने मामले की जांच राजनीतिक रंजिश के एंगल से भी किए जाने की मांग की है.
फिलहाल शामली पुलिस और STF की नजर आरोपियों तक पहुंचने पर है. दूसरी तरफ परिवार और स्थानीय लोगों के बढ़ते आक्रोश के बीच प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखना भी बड़ी चुनौती बन गया है.
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