भारी सुरक्षा के बीच व्हीलचेयर पर बाबा विश्वनाथ के दरबार पहुंचे आसाराम, जानें क्यों नहीं कर सके 'स्पर्श दर्शन'!

Asaram Bapu Kashi Visit: दुष्कर्म मामले में दोषी और जमानत पर बाहर चल रहे आसाराम बापू देर रात काशी विश्वनाथ पहुंचे. व्हीलचेयर के सहारे वीआईपी गेट से मंदिर में प्रवेश करने के बावजूद उन्हें सिर्फ झांकी दर्शन की अनुमति मिली और शिवलिंग का स्पर्श दर्शन नहीं करने दिया गया. आइए विस्तार से जानते है पूरी कहानी.

Asaram Bapu Kashi Visit
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रोशन जायसवाल

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उत्तर प्रदेश की आध्यात्मिक राजधानी काशी में देर रात उस वक्त हलचल तेज हो गई जब दुष्कर्म के मामले में दोषी और फिलहाल जमानत पर बाहर चल रहे आसाराम अचानक बाबा विश्वनाथ के दरबार में हाजिरी लगाने पहुंचे. भारी पुलिस बल और अपने अनुयायियों की सुरक्षा के बीच आसाराम का यह मंदिर दौरा चर्चा का विषय बना हुआ है. हालांकि इस दौरान आसाराम ने दूर से ही बाबा के दर्शन किए और उन्हें स्पर्श दर्शन की अनुमति नहीं मिली. आइए विस्तार से जानते है पूरी बात.

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गेट नंबर 4 से VIP एंट्री और व्हीलचेयर का सहारा

आसाराम मंदिर के गेट नंबर चार से कार के जरिए पहुंचे, जहां से आमतौर पर वीआईपी (VIP) और प्रोटोकॉल वाले श्रद्धालुओं का प्रवेश होता है. शारीरिक अस्वस्थता के चलते वे कार से उतरने के बाद व्हीलचेयर पर बैठकर मंदिर परिसर के भीतर गए. इस दौरान दर्जनों पुलिसकर्मी उनकी सुरक्षा में तैनात रहे ताकि भीड़ या किसी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके.

नियमों की सख्ती: नहीं मिला 'स्पर्श दर्शन' का सौभाग्य

भले ही आसाराम ने वीआईपी गेट से प्रवेश किया हो, लेकिन मंदिर प्रशासन ने नियमों में कोई ढील नहीं दी. मंदिर के वर्तमान नियमों के मुताबिक, उन्हें भी आम श्रद्धालुओं की तरह केवल बाबा विश्वनाथ के 'झांकी दर्शन' की ही अनुमति मिली. वे शिवलिंग का 'स्पर्श दर्शन' नहीं कर सके. दर्शन के बाद वे उसी व्हीलचेयर से वापस बाहर निकले और अपनी कार में बैठकर रवाना हो गए.

वाराणसी आश्रम में पड़ाव और सप्त पुरियों का महत्व

बताया जा रहा है कि आसाराम इन दिनों वाराणसी स्थित अपने आश्रम में ही ठहरे हुए हैं. काशी से पहले, 10 मार्च को वे अयोध्या भी पहुंचे थे, जहां उन्होंने रामलला के दर्शन किए थे. अयोध्या में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने भारत की 'सप्त पुरियों' (अयोध्या, मथुरा, हरिद्वार, काशी, कांची, उज्जैन और द्वारका) के आध्यात्मिक महत्व पर जोर दिया था. उन्होंने कहा था कि इन सात जगहों की ऐसी महिमा है कि यहाँ आने मात्र से व्यक्ति का मंगल होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है.

जुडिशियल मामलों के बीच 'आध्यात्मिक' यात्रा

जमानत पर बाहर आने के बाद आसाराम की इन धार्मिक यात्राओं को लेकर समाज और सोशल मीडिया पर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं. अयोध्या में जब उनसे राम मंदिर के बारे में पूछा गया था, तो उन्होंने कहा था कि वे काफी मुश्किलों और जुडिशियल औपचारिकताओं के बाद यहां पहुंच पाए हैं. फिलहाल काशी में उनके इस गुप्त और सुरक्षित दौरे ने एक बार फिर हलचल बढ़ा दी है.

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