माफिया अतीक अहमद के परिवार पर पुलिस का शिकंजा ढीला पड़ता नहीं दिख रहा है. छोटे भाई आबान अहमद के जनाजे में शामिल होने आए बड़े भाई उमर अहमद के समर्थकों द्वारा टोल प्लाजा पर की गई गुंडागर्दी अब भारी पड़ती दिख रही है. प्रतापगढ़ पुलिस ने समर्थकों के काफिले में शामिल दो गाड़ियों को सीज कर आरोपियों की तलाश तेज कर दी है.
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कैसे शुरू हुआ विवाद?
अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे आबान की झांसी हाईवे पर सड़क हादसे में मौत के बाद हाईकोर्ट ने उमर अहमद को लखनऊ जेल से और अली अहमद को झांसी जेल से पैरोल दी थी. 8 अगस्त को लखनऊ से प्रयागराज कसारी मसारी कब्रिस्तान जाते समय पुलिस वज्र वाहन के पीछे उमर समर्थकों की कई गाड़ियां चल रही थीं.
प्रतापगढ़ के हथिगवां थाना क्षेत्र में स्थित टोल प्लाजा पर टोलकर्मियों ने जब गाड़ियों को रोका, तो काफिले में मौजूद लोगों ने टोल देने से मना कर दिया. बात बढ़ने पर गाली-गलौज करते हुए बैरियर तोड़ दिए गए और कर्मचारियों पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की गई.
गाड़ियों की सीजर और पुलिस का फोकस
टोल प्लाजा मैनेजर की शिकायत पर पुलिस ने मु.अ.सं. 166/26 के तहत मामला दर्ज किया था. हथिगवां पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए काफिले की दो स्कॉर्पियो गाड़ियां बरामद कर ली हैं. पुलिस अब सीसीटीवी और गाड़ियों के नंबरों के जरिए उन लोगों की शिनाख्त कर रही है जो उस वक्त कार में मौजूद थे. पुलिस का कहना है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.
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