Ayodhya Ram Mandir News: अयोध्या राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले ने उत्तर प्रदेश की सियासत में भारी उबाल ला दिया है. विपक्ष इस मुद्दे को लेकर योगी सरकार को घेरने में जुटा है. वहीं अब इस मामले में गोरखपुर से भाजपा सांसद रवि किशन का बयान सामने आया है. दरअसल, बलिया में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान जब मीडिया ने रवि किशन से राम मंदिर चढ़ावा घोटाले को लेकर सवाल किया, तो वे भड़क गए.
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मामले में बाेलते हुए रवि किशन ने कहा, "मंदिर पर जो मसला चल रहा है, उस पर बस यही कहना है कि जो भी पाप किया है, उसको कड़ी सजा मिलेगी. विरोधियों और सपा को चिंता करने की जरूरत नहीं है. यह लोग हमेशा राम विरोधी रहे हैं, आज राम मंदिर के शुभचिंतक न बनें. मोदी-योगी जी की सरकार है, पूज्य महाराज जी (योगी आदित्यनाथ) पाप करने वाले को कड़ी सजा देंगे."
SIT जांच का तीसरा दिन: 19 घंटे में खंगाले कई राज
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश सरकार ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की मांग पर 13 जून 2026 को तीन सदस्यीय SIT का गठन किया था. इस टीम में लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, आईजी किरण एस और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन शामिल हैं. एसआईटी को 7 दिनों में अंतरिम और 14 दिनों में अपनी फाइनल रिपोर्ट सौंपनी है.
दो दिनों में SIT ने बेहद आक्रामक तरीके से काम किया है:
पहला दिन (15 जून): दान पात्र गिनती कक्ष और सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए. साल 2021 से लेकर अब तक के सभी वित्तीय रिकॉर्ड्स की जांच शुरू की गई.
दूसरा दिन (16 जून): टीम ने 10 से ज्यादा संदिग्ध लोगों से पूछताछ की. दान पात्रों से नकदी निकालने की प्रक्रिया, कैश हैंडलिंग और बैंक डिपॉजिट के सारे रिकॉर्ड्स खंगाले गए. इसके साथ ही संदिग्ध कर्मचारियों के मोबाइल और WhatsApp चैट्स की भी जांच की जा रही है.
अब तक SIT करीब 19 घंटे की मैराथन जांच कर चुकी है, जिसमें 40 से ज्यादा दान पात्रों और सीसीटीवी कैमरों की पोजीशन की पड़ताल की गई है. 14 दान पात्रों से नकदी निकालने और बैंक ट्रांसफर में हेराफेरी का शक है, जिसके बाद कर्मचारियों की सैलरी और उनकी निजी संपत्तियों की भी जांच की जा रही है.
शक के दायरे में राम मंदिर ट्रस्ट के 4 बड़े किरदार
इस पूरे कथित घोटाले में राम मंदिर ट्रस्ट का मैनेजमेंट पूरी तरह से संदेह के घेरे में आ गया है. जिन चार मुख्य किरदारों पर सबसे ज्यादा आरोप लग रहे हैं, उनमें शामिल हैं:
- चंपत राय (महासचिव, राम मंदिर ट्रस्ट)
- गोपाल राय (मंदिर व्यवस्थापक)
- अनिल मिश्र (ट्रस्ट सदस्य)
- टिन्नू यादव (चंपत राय का ड्राइवर)
दावा तो यहां तक किया जा रहा है कि यह चोरी लंबे समय से चल रही थी और सबूत मिटाने के लिए सीसीटीवी (CCTV) फुटेज तक डिलीट कर दिए गए हैं. हालांकि, ड्राइवर टिन्नू यादव और उनकी पत्नी पूनम यादव ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को पूरी तरह से खारिज किया है. आज जांच का तीसरा दिन है और पूरी यूपी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि एसआईटी की इस अंतिम रिपोर्ट में कौन सा बड़ा नाम बेनकाब होने वाला है.
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