अयोध्या के संतों ने चंपत राय के लिए उठाई आवाज, कहा- 'संघ का हर प्रचारक निष्ठावान, इस्तीफा न हो स्वीकार'

न्यूज तक डेस्क

• 07:32 PM • 04 Jul 2026

अयोध्या में राम जन्मभूमि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर लगे कथित वित्तीय गड़बड़ी के आरोपों के बीच वहां के साधु-संत उनके समर्थन में आ गए हैं. संतों ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चंपत राय के इस्तीफे का विरोध किया है और इस मामले में विपक्ष पर राजनीति करने का आरोप लगाया है.

अयोध्या कथित राम मंदिर मामला
अयोध्या कथित राम मंदिर मामला
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श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में कथित 'चंदा चोरी' के मामले को लेकर जहां चारों तरफ सवाल उठ रहे हैं और आरोपों की सुई ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय की तरफ घूम रही है, वहीं अब इस मामले में नया मोड़ आ गया है. अयोध्या के तमाम साधु-संत चंपत राय के समर्थन में खुलकर मैदान में उतर आए हैं. अयोध्या में संतों ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चंपत राय का बचाव किया और मांग की है कि उनका इस्तीफा किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए.

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निचले स्तर के कर्मचारी दोषी

शनिवार को अयोध्या में हुए एक बड़े घटनाक्रम में तमाम पुराने संतों और महंतों ने चंपत राय के प्रति एकजुटता दिखाई. संतों का कहना है कि अगर कोई वित्तीय गड़बड़ी हुई भी है, तो उसके लिए निचले स्तर के कर्मचारी दोषी हैं. उन्होंने तर्क दिया कि राम मंदिर निर्माण और ट्रस्ट की जिम्मेदारियां बहुत बड़ी थीं, ऐसे में किसी एक व्यक्ति को पूरे मामले के लिए दोषी ठहराना पूरी तरह गलत है. संतों ने राम मंदिर आंदोलन और कानूनी लड़ाई में चंपत राय के लंबे योगदान को भी याद किया.

विपक्ष का काम सिर्फ आरोप लगाना' - महंत वैदेही बल्लभ शरण

अयोध्या के महंत वैदेही बल्लभ शरण ने चंपत राय का पुरजोर समर्थन करते हुए कहा, "चंपत राय जी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के एक बेहद ईमानदार और कर्मनिष्ठ व्यक्ति हैं. संघ का एक-एक पदाधिकारी और प्रचारक जिम्मेदार व निष्ठावान होता है. जब तक एसआईटी (SIT) की जांच चल रही है, तब तक किसी की निष्ठा पर संदेह करना गलत है." विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने कभी भगवान राम का दर्शन नहीं किया और न ही मंदिर के लिए एक रुपया चंदा दिया, आज वही लोग राजनीति के तहत चंपत राय को हटाने का षड्यंत्र रच रहे हैं.

संघ का फैसला सर्वोपरि

महंत वैदेही बल्लभ शरण ने आरएसएस के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले के बयान का हवाला देते हुए कहा कि संघ ने साफ कर दिया है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसे बख्शा नहीं जाएगा. दूध का दूध और पानी का पानी जल्द ही सामने आ जाएगा. गौर करने वाली बात यह है कि आगामी 6 जुलाई को राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की एक अहम बैठक होने जा रही है. इस बैठक में मुख्य रूप से इस बात पर फैसला होना है कि चंपत राय का इस्तीफा स्वीकार किया जाएगा या नहीं. इसके अलावा परिसर की सुरक्षा और भविष्य में इस तरह की गड़बड़ियों को रोकने के उपायों पर भी चर्चा की जाएगी. अब सभी की नजरें 6 जुलाई को होने वाले ट्रस्ट के फैसले पर टिकी हैं.