Baghpat News: उत्तर प्रदेश के बागपत जिले से एक ऐसा चमत्कारिक मामला सामने आया है, जिसे सुनकर हर कोई दंग है. यहां के दोझा गांव की रहने वाली 80 साल की लीलावती 11 साल पहले रहस्यमयी तरीके से लापता हो गई थीं, जो अब सुरक्षित अपने घर लौट आई हैं. हैरानी की बात यह है कि परिवार उन्हें मृत मान चुका था और उनकी आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध की रस्में भी पूरी कर दी गई थीं.
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लापता होने से वापसी तक का सफर
लीलावती के पति की मौत साल 2015 में हुई थी, जिसके महज तीन महीने बाद ही वह अचानक गायब हो गईं. परिजनों ने रिश्तेदारों से लेकर आसपास के जिलों तक काफी खोजबीन की, लेकिन उनका कहीं पता नहीं चला. अंत में थक-हारकर परिवार ने मान लिया कि अब वह इस दुनिया में नहीं हैं.
भारतीय सेना बनी मददगार
किस्मत ने तब पलटी मारी जब जम्मू-कश्मीर के राजौरी में तैनात भारतीय सेना के जवानों को एक बुजुर्ग महिला लावारिस हालत में मिली. जवानों ने संवेदनशीलता दिखाते हुए उनसे पूछताछ की और उनकी पहचान करने की कोशिश की. कड़ी मशक्कत के बाद जब पता चला कि वह बागपत की लीलावती हैं तो सेना ने तुरंत उनके परिवार से संपर्क किया.
गांव में जश्न और खुशी के आंसू
जब बेटों को खबर मिली कि उनकी मां जिंदा हैं, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा. परिवार राजौरी पहुंचा और अपनी मां को वापस लेकर गांव आया. 11 साल बाद मां को घर में देख पूरा गांव उमड़ पड़ा. बहुओं और बेटों ने खुशी में डीजे बजवाया और जमकर जश्न मनाया. इस दौरान 80 साल की लीलावती भी खुद को थिरकने से रोक नहीं पाईं. परिजनों ने इस भावुक मिलन के लिए भारतीय सेना का आभार व्यक्त किया है.
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