पहले बाप-बेटे को मारी गोली, फिर कुछ घंटों बाद आरोपी की भी हो गई मौत...बागपत में ट्रिपल मर्डर की फिल्मी कहानी ने सबको किया हैरान

मनुदेव उपाध्याय

10 Jun 2026 (अपडेटेड: Jun 10 2026 2:32 PM)

Baghpat News: उत्तर प्रदेश के बागपत में दिनदहाड़े व्यापारी सोहन लाल अग्रवाल और उनके बेटे विकास अग्रवाल की गोलियों से हत्या ने पूरे इलाके को दहला दिया. वारदात के बाद बाजार बंद हो गया, हाईवे जाम कर दिया गया और एनकाउंटर की मांग उठी. इसी बीच मुख्य आरोपी वरुण लोहारी की मौत ने मामले को नया मोड़ दे दिया.

Baghpat News
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Baghpat Triple Murder: उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के बड़ौत कस्बे में मंगलवार (9 जून 2026) को एक ऐसी खौफनाक वारदात हुई जिसने पूरी कानून व्यवस्था को हिलाकर रख दिया. एनएच-709 बी के किनारे बसे व्यस्त बाजार में, तहसील और पुलिस चौकी से महज कुछ ही दूरी पर, दिनदहाड़े ताबड़तोड़ फायरिंग कर एक व्यापारी और उसके बेटे की बेरहमी से हत्या कर दी गई. इस तिहरे हत्याकांड (Triple Murder) के बाद पूरे इलाके में तनाव पसरा हुआ है और भारी पुलिस बल तैनात है.

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दुकान पर बैठे थे पिता, बचाने दौड़ा तो बेटे को भी भूना

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोपहर के वक्त रोज की तरह बाजार में चहल-पहल थी. व्यापारी सोहन लाल अग्रवाल अपनी दुकान पर ग्राहकों से बातचीत कर रहे थे. इसी दौरान अचानक मोटरसाइकिल पर सवार होकर इलाके का कुख्यात हिस्ट्रीशीटर वरुण लोहारी अपने एक साथी के साथ वहां पहुंचा. दोनों ने दुकान में घुसते ही हथियार निकाल लिए और सोहन लाल पर अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं.

गोलियों की आवाज सुनकर बाजार में भगदड़ मच गई और शटर गिरने लगे. इसी बीच पिता को बचाने के लिए उनका बेटा विकास अग्रवाल दुकान की तरफ दौड़ा. लेकिन बेरहम हमलावरों ने विकास को देखते ही उस पर भी राइफल और पिस्तौल से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. बाप और बेटे दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया. इस अंधाधुंध गोलीबारी की चपेट में आकर रोहित नाम का एक राहगीर भी गंभीर रूप से घायल हो गया.

आक्रोशित व्यापारियों ने लगाया हाईवे पर जाम, की एनकाउंटर की मांग

चौकी के इतने पास हुई इस दुस्साहसिक वारदात से स्थानीय व्यापारियों और परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा. घटना के विरोध में बड़ौत बाजार पूरी तरह बंद कर दिया गया और परिजनों ने शवों को सड़क पर रखकर नेशनल हाईवे जाम कर दिया. रोते-बिलखते परिजनों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. मृतक विकास अग्रवाल के रिश्तेदार ने रोते हुए बताया, "विकास की शादी महज 6 महीने पहले हुई थी और उसकी पत्नी गर्भवती है. उसकी एक बहन भी मूक-बधिर है. अब इस परिवार का क्या होगा? हमें सिर्फ और सिर्फ योगी सरकार से आरोपियों का एनकाउंटर चाहिए."

कहानी में ट्विस्ट: मुख्य आरोपी वरुण लोहारी की भी मौत

पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की धरपकड़ के लिए 10 विशेष टीमों का गठन किया. लेकिन इस पूरी घटनाक्रम में तब एक बड़ा मोड़ आया, जब पुलिस अभिरक्षा में अस्पताल में इलाज करा रहे मुख्य हमलावर और हिस्ट्रीशीटर वरुण लोहारी की भी मौत हो गई. वारदात के दौरान वरुण को भी चोटें आई थीं. उसकी मौत के साथ ही इस हत्याकांड के कई गहरे राज हमेशा के लिए दफन हो गए.

पुरानी रंजिश का मामला, एक आरोपी गिरफ्तार

मामले की जानकारी देते हुए बागपत पुलिस के आला अधिकारी ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच साल 2015 से पुरानी रंजिश चली आ रही थी. पुराना केस दर्ज होने के बाद गैंगस्टर एक्ट के तहत आरोपी वरुण के मकान की कुर्की भी की गई थी, जिसके बाद वह बागपत छोड़कर देहरादून रहने लगा था. 9 जून को वह कोर्ट में तारीख पर आया था और इसी दौरान उसने इस बड़ी वारदात को अंजाम दे डाला. पुलिस ने इस मामले में एक नामजद आरोपी बाबूराम को गिरफ्तार कर लिया है और बाकी फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी की जा रही है. फिलहाल बड़ौत कस्बे को छावनी में बदल दिया गया है ताकि कोई नई हिंसा न भड़क सके.