उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में एक रुक कपां देने वाली वारदात सामने आई है. ये ऐसी घटना है जिसे हॉरर फिल्मों में ही लोगों ने देखा होगा. जब गांव के लोगों को पता चला कि 55 वर्षीय आरोपी शंकर यादव अपनी झोपड़ी में चूल्हा जलाकर एक युवक का सिर भूनकर खा रहा है तो अफरा-तफरी मच गई. लोग भागकर घरों में छिप गए. पूरे गांव में सनसनी फैल गई. सूचना पर पुलिस पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने आरोपी के घर की तलाशी ली तो वो भी दंग रही गई.
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आरोपी टीनशेड की झोपड़ी में रहता है. झोपड़ी में एक चारपाई और थोड़ा अनाज मिला. झोपड़ी में मधुमक्खियों का एक बड़ा छत्ता मिला. हैरानी की बात ये है कि मधुमक्खियों के बीच शंकर रहता था पर उसे एक भी मधुमक्खी ने नहीं काटा था. झोपड़ी में घुसते ही मधुमक्खियों का झुंड दरवाजे से बाहर निकल गया.
पिता ने कहा- हैवान है आरोपी, बेटे का सिर भूनकर खाया
मृतक बबलू के पिता पुनवासी राजभर पोस्टमार्टम हाउस के बाहर बैठे थे. बेटे का शव पोस्टमार्टम हाउस में रखा था जिसमें धड़ अलग था और सिर भुना हुआ था. जब यूपी तक ने पुनवासी से बात की तो उन्होंने बताया...घर में पैसों की तंगी थी. बबलू बच्चों में सबसे बड़ा था. उसकी शादी हो चुकी थी. उसके दो बच्चे हैं भी हैं. बेटे ने पूछा क्या करें? मैंने कहा- गर्मी आ रही है. आईसक्रीम (बरफ) बेचो. बेटे ने घर की माली हालत को सुधारने के लिए आईसक्रीम बेचना शुरू किया.
पहली बार पहुंचा गांव परसावल
बबलू (25) आईसक्रीम बेचते-बेचते अपने गांव से 20 किमी दूर टिकैतनगर थाना क्षेत्र के परसावल गांव पहुंचा. पिता के मुताबिक बबलू पहली बार इस गांव में आईसक्रीम बेचने आया था. पिता ने बताया कि प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बेटे के पास 55 साल का शंकर यादव पहुंचा. उसने आईसक्रीम मांगा और खाने लगा. बेटे ने 10 रुपए मांगा तो ना-नुकुर करने लगा. फिर बोला कि अभी आता हूं. इधर बबलू के पास एक दूसरा शख्स आया और उसके बॉक्स से आईसक्रीम निकालने लगा. बबलू की नजर उधर गई और तभी अचानक शंकर यादव हाथ में बांका (धारदार हथियार) लेकर पहुंचा. बबलू को व्यस्त देख पीछे से उसने वार कर दिया. इस वार से बबलू का गला कटकर धड़ से अलग हो गया. सइकिल और उसमें बंधा बॉक्स गिर गया. बबलू का धड़ भी जमीन पर गिर गया.
आरोपी ने सिर लिया और घर की तरफ चल दिया
मृतक के पिता के मुताबिक प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आरोपी शंकर यादव बबलू का सिर लेकर अपनी झोपड़ी में गया और चूल्हे में भूनकर आंख और गाल के हिस्से को खाने लगा. ये देख चीख पुकार मच गई. पूरे गांव में सनसनी फैल गई.
पुलिस से कहता रहा आरोपी- मैंने मारा है
पुलिस से लगातार आरोपी कहता रहा कि हां मैंने मारा है. पूछा गया कि क्यों मारा गया तो आरोपी चुप हो गया. पुलिस ने पूछने की कोशिश की, लेकिन आरोपी ने जवाब नहीं दिया. उसकी मानसिक हालत अस्थिर देख पुलिस ने उसे जेल के स्पेशल बैरक में रखा.
पोस्टमार्टम हाऊस के बाहर रो पड़े लोग
अपने परिवार का पेट पालने निकले शंकर का धड़ वापस आया. दो मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया. बबलू की पत्नी विधवा हो गई. पिता का जवान बेटा अब नहीं रहा. बबलू का पूरा गांव इस घटना पर रो रहा है और आरोपी के खिलाफ कड़ी से कड़ी सजा की मांग कर रहा है.
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