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उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले से झकझोर देने वाली एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है. जहां एक सरकारी एम्बुलेंस में प्रसव के दौरान नवजात की मौत हो गई. आरोप है कि गलत तरीके से डिलीवरी कराने के कारण नवजात का सिर धड़ से अलग हो गया. मामला सीएचसी कुदरहा के बाहर का है.
इस घटना के सामने आते ही प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने तुरंत संज्ञान लेते हुए उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं.
एम्बुलेंस में ही कराया गया प्रसव
बताया जा रहा है कि पीड़ित महिला को प्रसव के लिए सीएचसी कुदरहा लाया गया था. इसी दौरान एम्बुलेंस में ही डिलीवरी कराने की कोशिश की गई.
आरोप है कि स्वास्थ्यकर्मियों ने गलत तकनीक अपनाई और खींचतान के चलते नवजात की मौत हो गई. मामले को रफा दफा करने के लिए स्टाफ ने महिला को प्राइवेट अस्पताल में भेज दिया. जहां खराब हालात को देख प्राइवेट अस्पताल ने भी महिला को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया. वहां डॉक्टरों ने सर्जरी करके, गर्भ में फंसे सिर को बाहर निकाला, वहीं महिला का इलाज जारी है.
जांच टीम ने मौके पर जुटाए सबूत
डिप्टी सीएम के निर्देश पर संयुक्त निदेशक डॉ. सुशील कुमार की अगुवाई में लखनऊ से विशेष टीम बस्ती पहुंची. टीम ने सीएचसी कुदरहा और पास के निजी मैक्स अस्पताल में घंटों तक जांच की.
इस दौरान ड्यूटी पर मौजूद नर्सों और आशा कार्यकर्ताओं के बयान दर्ज किए गए. निजी अस्पताल के स्टाफ से पूछताछ हुई और सीसीटीवी फुटेज और मरीजों के रजिस्टर कब्जे में लिए गए.
सरकारी और निजी अस्पताल आमने-सामने
मामले में अब सरकारी और निजी अस्पताल एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं. मैक्स अस्पताल के संचालक राजेश चौधरी का कहना है कि जब महिला उनके पास पहुंची, तब तक प्रसव हो चुका था और बच्चा गर्भ में ही फंसा हुआ था. उनका दावा है कि डिलीवरी उनके अस्पताल में नहीं हुई.
दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
जांच टीम के प्रमुख डॉ. सुशील कुमार ने इसे बेहद गंभीर मामला बताया है. उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट जल्द शासन को सौंपी जाएगी और दोषी पाए जाने पर किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा.
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