UP Politics: कौन हैं भवानी भीख शुक्ला? जिन्हें बीजेपी के पाले से छीनकर अखिलेश यादव ने चला बड़ा सियासी दांव

रजत सिंह

• 09:04 AM • 16 Oct 2026

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में बीजेपी नेता और बृजभूषण शरण सिंह के करीबी भवानी भीख शुक्ला अपने पांचों बेटों के साथ समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए हैं.

भवानी भीख शुक्ला
भवानी भीख शुक्ला
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उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सूबे की सियासत में पाला बदलने का दौर तेजी से शुरू हो गया है. इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को गोंडा जिले में बड़ा झटका लगा है. बीजेपी के दिग्गज नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के करीबी माने जाने वाले भवानी भीख शुक्ला ने अपनी पुरानी पार्टी का साथ छोड़कर समाजवादी पार्टी (SP) का दामन थाम लिया है.

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लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी के राज्य कार्यालय में पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में भवानी भीख शुक्ला ने सपा की सदस्यता ग्रहण की. इस दौरान उनके साथ उनके पांचों बेटे और भारी संख्या में समर्थक मौजूद रहे.

'भगवान' जैसे नामों वाले पांचों बेटे भी हुए सपा में शामिल

इस राजनीतिक ज्वाइनिंग की सबसे ज्यादा चर्चा भवानी भीख शुक्ला के पांच बेटों के नामों को लेकर हो रही है. उनके पांचों बेटों के नाम भगवानों के नाम पर हैं- भगवान शुक्ला, कृष्ण भगवान शुक्ला, शिव भगवान शुक्ला, विष्णु भगवान शुक्ला और शंकर भगवान शुक्ला. पिता के साथ इन पांचों बेटों ने भी समाजवादी पार्टी की सदस्यता ली है. ज्वाइनिंग कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने 'जय भवानी' के नारे भी लगाए.

बीजेपी छोड़ने पर क्या बोले भवानी भीख शुक्ला?

पार्टी बदलने के बाद भवानी भीख शुक्ला ने भाजपा पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि उन्होंने खुद पार्टी नहीं छोड़ी है, बल्कि उन्हें पार्टी से "भगाया गया" है. उन्होंने आरोप लगाया कि करीब एक साल पहले उनके ब्लॉक में स्थानीय विधायक के समर्थकों के साथ विवाद और मारपीट हुई थी, जिसमें उनके बेटे को गंभीर चोटें आईं और वह अस्पताल में भर्ती रहे, लेकिन पार्टी के किसी नेता ने उनका हाल तक नहीं पूछा. इसी उपेक्षा से आहत होकर उन्होंने और उनके परिवार ने बीजेपी छोड़ने का बड़ा फैसला किया.

स्थानीय समीकरणों पर असर और अखिलेश यादव का निशाना

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि गोंडा जिले के कद्दावर नेता और जिला पंचायत सदस्य भवानी भीख शुक्ला के समाजवादी पाटी में आने से स्थानीय स्तर पर सियासी समीकरण बदल सकते हैं. उनके साथ कई ग्राम प्रधान, जिला पंचायत सदस्य, बीडीसी और सैकड़ों समर्थकों का काफिला लखनऊ पहुंचा था.

वहीं, इस दौरान सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए मतदाता सूची (SIR) में गड़बड़ी और वोट कटवाने के गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर पूरी मुस्तैदी से जुटने और 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने का संकल्प लेने का निर्देश दिया.

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