उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में पुलिस और बीजेपी विधायक के बीच तीखी नोकझोंक हो गई. रामपुर मथुरा थाने की कार्यशैली से नाराज होकर बीजेपी विधायक ज्ञान तिवारी अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ थाने पहुंच गए. और वहां जमीन पर बैठकर सोशल मीडिया पर लाइव आकर पुलिस प्रशासन की कामकाज पर सवाल उठाए,
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थाने के अंदर धरने पर बैठे विधायक
जानकारी के अनुसार, विधायक ज्ञान तिवारी ने थाने के प्रभारी निरीक्षक संजय पांडेय की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पुलिस भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ मनमानी कार्रवाई कर रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि आम जनता की शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है.
दो सिपाहियों पर भी लगाए आरोप
जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत एक 'नौटंकी' कार्यक्रम को लेकर हुई. आरोप है कि थाने के दीवान रविशंकर यादव और कांस्टेबल विनोद यादव ने देर रात चल रहे एक कार्यक्रम को जबरन बंद करा दिया और इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ बदसलूकी की. विधायक ज्ञान तिवारी का कहना है कि पुलिस जानबूझकर भाजपा कार्यकर्ताओं को निशाना बना रही है और आम जनता की समस्याओं की अनदेखी कर रही है.
थानेदार को दी चुनौती
हंगामे के दौरान विधायक काफी गुस्से में दिखे. उन्होंने थाना प्रभारी संजय पांडे को खरी-खोटी सुनाते हुए उनकी औकात पर सवाल खड़े कर दिए. विधायक ने साफ कहा कि जब तक दोषी पुलिसकर्मियों प्रभारी निरीक्षक, दीवान और कांस्टेबल पर सख्त कार्रवाई नहीं होगी, वे वहां से नहीं हटेंगे.
अधिकारियों ने कराया शांत
विधायक के धरने की खबर मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया. पहले क्षेत्राधिकारी (CO) वेद प्रकाश श्रीवास्तव ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी. इसके बाद अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) दुर्गेश कुमार सिंह मौके पर पहुंचे. उन्होंने विधायक को निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया, जिसके बाद करीब 3 घंटे से चल रहा धरना समाप्त हुआ.
थाने में जुटी भारी भीड़
प्रदर्शन के दौरान थाना परिसर में भारी भीड़ जमा हो गई. कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति भी बनी रही. विधायक ने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो वे इस मुद्दे को उच्च स्तर तक उठाएंगे.
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