उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसे सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए. यहाँ एक ट्रांसजेंडर (किन्नर) के प्रेम प्रसंग के चलते एक नौजवान लड़के साक्षर कौशिक की बेरहमी से हत्या कर दी गई. प्यार, धोखा और नफरत के इस त्रिकोणीय खेल में साक्षर को अपनी जान गंवानी पड़ी.
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क्या है पूरा मामला?
नगर कोतवाली क्षेत्र के देवपुरा का रहने वाला साक्षर कौशिक, 'अमन उर्फ अवंतिका' नाम के एक ट्रांसजेंडर से प्यार करता था. पुलिस जांच में सामने आया कि अवंतिका के साथ न केवल साक्षर, बल्कि दीपक और देवेश नाम के दो अन्य युवकों के भी संबंध थे. दीपक और देवेश को साक्षर उनकी राह का रोड़ा लगने लगा था.
'शराब पार्टी' के बहाने बुलाया और कर दी हत्या
साक्षर से पीछा छुड़ाने के लिए अवंतिका ने दीपक और देवेश के साथ मिलकर एक खौफनाक साजिश रची. 30 मार्च की शाम, आरोपी दीपक साक्षर के घर पहुँचा और उसे यह कहकर साथ ले गया कि वह 11वीं कक्षा में पास हो गया है और आज इसकी खुशी में शराब पार्टी होगी. साक्षर को सिकंदराबाद के एक बगीचे में ले जाया गया, जहाँ पहले से ही अन्य आरोपी मौजूद थे.
वहां शराब पीने के दौरान जानबूझकर विवाद खड़ा किया गया और फिर ईंट व डंडों से पीट-पीटकर साक्षर की निर्मम हत्या कर दी गई. आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने के लिए शव को गड्ढा खोदकर बगीचे में ही दफना दिया.
24 घंटे के भीतर पुलिस का बड़ा खुलासा
31 मार्च को जब साक्षर का शव बरामद हुआ, तो पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए महज 24 घंटे के भीतर इस हत्याकांड का पर्दाफाश कर दिया. पुलिस ने ट्रांसजेंडर अमन उर्फ अवंतिका, देवेश और शुभम को गिरफ्तार कर लिया है. हालांकि, मुख्य आरोपी दीपक अभी भी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है.
सामाजिक रिश्तों पर उठते सवाल
बुलंदशहर के एसपी ने बताया कि आरोपियों ने पूरी योजना के तहत इस घटना को अंजाम दिया था. देवेश की निशानदेही पर शव बरामद किया गया है. यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था पर बल्कि हमारे सामाजिक ताने-बाने और युवाओं के बीच बढ़ते अपराध बोध पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है.
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