पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री सुभेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ के मर्डर केस में गिरफ्तार मुख्य आरोपी राज सिंह को लेकर नई कहानी सामने आई है. मिली जानकारी के मुताबिक राज सिंह ने पहले भी हत्या की वारदात को अंजाम दिया था. साल 2020 में उसने बलिया के ही एक अंडा व्यवसायी की हत्या कर दी थी, जिसके बाद उसे सजा भी हुई थी. इस मामले में अब अंडा व्यवसायी के परिजनों ने पूरी कहानी बताई है कि आखिर 13 अक्टूबर 2020 को क्या-कुछ हुआ था. आइए विस्तार से जानते है पूरी कहानी.
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अंडा का पैसा मांगने पर की थी हत्या
आरोपी राज सिंह की गिरफ्तारी के बाद अलग-अलग कहानी सामने आ रही है. लेकिन इसी बीच हमारी टीम अंडा व्यवसायी के घर पहुंची, जहां उनकी मुलाकात मारे गए अजीत गुप्ता के पिता पारसनाथ गुप्ता से हुई. बातचीत के दौरान पारस गुप्ता ने बताया की यह घटना 13 अक्टूबर 2020 की है. अजीत और उनके भाई अंडा का दुकान चलाते थे. इसी बीच घटना से कुछ दिन पहले राज सिंह उनकी दुकान पर पहुंचा और अंडा खाया. लेकिन जब अंडा का पैसा मांगा तो राज सिंह सहित गोविंदा सिंह और पंकज शर्मा ने जान से मारने की धमकी दी.
'सोने के लिए जा रहा था दुकान, तभी...'
पारस गुप्ता ने कहा है कि अजीत जब 13 तारीख को खाना खाकर दुकान पर सोने के लिए जा रहा था, तभी राज सिंह, गोविंदा सिंह और पंकज शर्मा ने मिलकर उसकी जान ले ली. पारसनाथ गुप्ता ने कहा कि अजीत ने उनसे इस राज सिंह के साथ हुई बहस का कोई जिक्र नहीं किया था, वरना वो कानून का मदद लेते और ऐसी कोई घटना नहीं घटती.
अब कर रहे इंसाफ की मांग
पारसनाथ गुप्ता ने कहा कि, राज सिंह एक क्रिमिनल है. हमें अपने बच्चे के लिए इंसाफ चाहिए, क्योंकि जब से मेरा बेटा मरा है हम काफी तकलीफ में है. यह बात बताते-बताते पारसनाथ गुप्ता फफक-फफक कर रोने लगे और बार-बार इंसाफ की बात करने लगे.
राज के परिजन बता रहे अलग ही कहानी
इस मामले में तब नया मोड़ आया जब राज सिंह के परिजनों ने चंद्रनाथ रथ की हत्या में राज सिंह के होने को सिरे से नकार दिया. राज सिंह की मां जामवंती ने इसे फर्जी गिरफ्तार बताते हुए DIG को पत्र लिखा है तो वहीं बहन दीपशिखा ने कहा कि, मेरा भाई बीजेपी की ओर से ब्लॉक प्रमुख का चुनाव लड़ने वाला था. उनके परिवार का कोई कोलकाता नहीं गया तो उसने हत्या कैसे कर दी. दीपशिखा ने इस गिरफ्तारी को राजनीतिक रंजिश का नाम दिया है.
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