Suvendhu Adhikari PA Death Case: पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ मर्डर केस में एक नया मोड़ सामने आया है. अयोध्या से राज सिंह की गिरफ्तारी के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई थी और उसका बीजेपी के कद्दावर नेताओं के साथ तस्वीरें भी वायरल हुई थी. अब इस मामले में राज के परिजन इसे राजनीतिक रंजिश बता रहे है और साथ ही यह खुलासा भी हुआ है कि राज बीजेपी की ओर से ब्लॉक प्रमुख चुनाव लड़ने वाला था. विस्तार से जानिए पूरी कहानी.
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मां ने बताया गिरफ्तारी पर उठाए थे सवाल
बीते कल यानी 11 मई को राज सिंह की मां जामवंती ने मामले की अलग ही कहानी बताई थी. एक ओर पुलिस ने जहां आरोपी को अयोध्या में जाल बिछाकर गिरफ्तार करने की बात कही तो वहीं जामवंती ने DIG आजमगढ़ को एक पत्र लिखकर इस गिरफ्तारी को ही फर्जी बताया था. उन्होंने कहा कि, 9 मई को वह बेटे सहित 5 लोगों के साथ अयोध्या दर्शन करने गई थी. वापसी के समय एक ढाबे पर सादी वर्दी में आए कुछ लोगों ने जबरन हिरासत में ले लिया, लेकिन रिकॉर्ड में नई कहानी बताई गई.
बहन ने राजनीतिक रंजिश की कही बात
अब इस मामले में राज सिंह की बहन और हाईकोर्ट की वकील दीपशिखा ने अपने भाई का बचाव करते हुए बड़ा बयान दिया है. दीपशिखा ने कहा है कि, राज बीजेपी की ओर से ब्लॉक प्रमुख चुनाव की तैयारी कर रहा था और इसी राजनीतिक रंजिश की वजह से उसे बलि का बकरा बना दिया गया है. दीपशिखा ने साफ किया कि उनके परिवार का कोई भी सदस्य कभी कोलकाता गया ही नहीं, तो फिर वहां हुए इस मर्डर में राज का नाम कैसे आ गया है. परिवार ने मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है.
बीजेपी के कद्दावर नेताओं के साथ तस्वीरें हुई थी वायरल
चंद्रनाथ मर्डर केस में गिरफ्तारी के बाद राज सिंह उर्फ चंदन की बीजेपी के कद्दावर नेताओं के साथ तस्वीरें वायरल हुई थी. बताया जा रहा है कि 7 मई को वह लखनऊ में बीजेपी एमएलसी की बेटी की शादी में शामिल होने पहुंचा था. यहीं उसने बीजेपी के नेताओं के साथ तस्वीरें ली जो वायरल हो रही है. इन तस्वीरों में बीजेपी के दिग्गज नेता बीजेपी एमएलसी प्रिंसू सिंह और योगी सरकार के मंत्री दयाशंकर सिंह दिखाई दे रहे है.
कौन है राज सिंह?
राज सिंह उर्फ चंदन यूपी के बलिया शहर के आनंद नगर के रहने वाला है. बताया जा रहा है कि इस क्षेत्र में उसकी अपनी अच्छी पकड़ है और वह राजनीतिक के साथ-साथ सामाजिक संगठनों से भी जुड़ा हुआ है. राज क्षत्रिय महासभा का महा सचिव भी है. उसका इतिहास भी दागदार रहा है और साल 2020 में एक अंडा व्यवसायी की हत्या मामले में वह मुख्य आरोपी था. फिलहाल वह जमानत पर बाहर चल रहा था.
6 मई को हुई थी हत्या
इस हत्या के तार पश्चिम बंगाल से जुड़े हुए है. दरअसल 4 मई को जब पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणाम आए थे तब भाजपा ने TMC को करारी शिकस्त दी थी. बीजेपी कार्यकर्ता इस जीत का जश्न मना रहे थे, लेकिन 6 मई की देर शाम जब शुभेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ अपने घर जा रहे थे तभी मध्यग्राम में उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चली और उनकी मौत हो गई थी.
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