बॉलीवुड के मशहूर कॉमेडियन और अभिनेता राजपाल यादव को दिल्ली हाई कोर्ट से चेक बाउंस के एक पुराने मामले में 3 महीने की सजा सुनाए जाने के बाद उनके पैतृक गांव में गम और मायूसी का माहौल है. राजपाल यादव उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के बंडा ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले कुंडरा गांव के रहने वाले हैं. इस अदालती फैसले के बाद जब यूपी तक की टीम उनके गांव पहुंची, तो वहां के लोग अपने चहेते कलाकार के लिए बेहद भावुक और दुखी नजर आए.
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पर्दे पर करोड़ों लोगों को अपनी अदाकारी से हंसाने वाले राजपाल यादव के लिए गांव वालों का कहना है कि उनके साथ बहुत गलत हो रहा है.
सबको हंसाने वाला इंसान आज रो रहा है
राजपाल यादव की सजा की खबर मिलते ही कुंडरा गांव के युवा, बुजुर्ग और बच्चे बेहद गिल्टी और दुखी महसूस कर रहे हैं. गांव के एक युवा विशाल यादव ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा, "फिल्मी दुनिया में उन्होंने अपनी इतनी बड़ी हस्ती बनाई है, वो सबको हंसाते हैं. आज एक हंसाने वाला इंसान खुद रो रहा है, उनके साथ यह सब बहुत गलत हो रहा है."
ग्रामीणों ने बताया कि राजपाल यादव जब भी मुंबई से अपने गांव आते हैं, तो एक अलग ही उत्साह का माहौल बन जाता है. वो सेलिब्रिटी होने के बावजूद किसी भी तरह की सुरक्षा (सिक्योरिटी गार्ड) के बिना पूरे गांव में घूमते हैं और लोगों से बिल्कुल आम इंसान की तरह गले मिलते हैं.
जातिवाद से दूर और बेहद मिलनसार हैं राजपाल
गांव के बुजुर्ग रामतार सिंह यादव ने बताया कि राजपाल यादव बचपन में इसी गांव की मिट्टी में खेल-कूद कर बड़े हुए हैं. आज इतनी बड़ी ऊंचाई पर पहुंचने के बाद भी उनके भीतर रत्ती भर का भी घमंड नहीं है. गांव वालों के मुताबिक, राजपाल किसी भी जाति या वर्ग के व्यक्ति से भेदभाव नहीं करते और हर किसी को बराबर सम्मान देते हैं. छोटे बच्चों को गोद में उठा लेना और बुजुर्गों के पैर छूकर आशीर्वाद लेना उनकी आदत में शुमार है.
कोर्ट के फैसले पर क्या बोले गांव वाले?
चेक बाउंस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा सुनाई गई 3 महीने की सजा को लेकर गांव के लोग इसे 'अन्याय' और 'गलत' बता रहे हैं. ग्रामीणों का मानना है कि राजपाल यादव बेहद व्यवहार कुशल और सीधे इंसान हैं, वे इस तरह की कानूनी प्रताड़ना के योग्य नहीं हैं. गांव के एक बुजुर्ग ने तो यहां तक कह दिया, "अगर हमारे बस में होता तो हम खुद वहां जाकर उन्हें बचा लेते."
सरकार से गुहार और भगवान से प्रार्थना
कुंडरा गांव के लोगों ने बताया कि राजपाल यादव के तीन भाई आज भी इसी गांव में रहते हैं, जिससे उनका जुड़ाव लगातार बना रहता है. राजपाल यादव के नाम से ही आज पूरे जिले और देश में उनके गांव कुंडरा की एक अलग पहचान बनी है. मुसीबत की इस घड़ी में पूरा गांव एकजुट होकर ईश्वर से प्रार्थना कर रहा है कि उनके चहेते अभिनेता को इस कानूनी झंझट से जल्द से जल्द छुटकारा मिले. इसके साथ ही ग्रामीणों ने सरकार से भी मामले में सहानुभूति पूर्वक विचार करने की गुहार लगाई है.
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