UPI कि एक गलती और फंस गया... अयोध्या में धराया शुभेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ को मारने वाला राज सिंह, यहां हो गई चूक

Shubhendu Adhikari PA Murder Case: शुभेंदु अधिकारी के PA की हत्या कर भाग रहे आरोपियों ने टोल पर UPI पेमेंट की गलती कर दी, जिसके सुराग से पुलिस ने राज सिंह समेत तीन को दबोच लिया.

चंट्रनाथ रथ और राज सिंह
चंट्रनाथ रथ और राज सिंह

न्यूज तक डेस्क

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Shubhendu Adhikari PA Murder Case: डिजिटल इंडिया के दौर में अब अपराधियों का बचना नामुमकिन होता जा रहा है . पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पर्सनल असिस्टेंट चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है और वो भी डिजिटल पेमेंट के कारण. जिस डिजिटल पेमेंट यानी UPI  को हम और आप बिना एक बार भी सोच इस्तेमाल करते हैं वही इन बदमाशों के लिए काल बन गया. बंगाल, यूपी और बिहार पुलिस के एक साझा ऑपरेशन में तीन आरोपियों को दबोच लिया गया है.

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कैसे बिछाया गया गिरफ्तारी का जाल?

वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी भाग तो निकले थे लेकिन उनकी एक छोटी सी चूक ने पुलिस को उन तक पहुंचा दिया. दरअसल हत्या के बाद भागते समय आरोपियों ने कोलकाता के पास बाली टोल प्लाजा पर UPI के जरिए पेमेंट किया था. बस यहीं से स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) को सुराग मिल गया. पुलिस ने जब इस ट्रांजेक्शन को ट्रैक किया और टोल प्लाजा के CCTV फुटेज खंगाले तो इस हत्याकांड में शामिल हुए लोगों का चेहरा और भागने का रास्ता साफ हो गया .

इसके बाद रविवार, 10 मई को पुलिस ने ताबड़तोड़ छापेमारी की मयंक राज मिश्रा और विक्की मौर्य के बिहार के बक्सर से दबोचे गए. वहीं राज सिंह को उत्तर प्रदेश के बलिया से हिरासत में लिया गया. सोमवार, 11 मई की सुबह तीनों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर बारासात कोर्ट में पेश किया गया .

पूरी प्लानिंग के साथ हुई थी हत्या

जांच के मुताबिक, यह कोई अचानक हुई वारदात नहीं बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी. SIT के अधिकारियों का मानना है कि शूटरों को चंद्रनाथ रथ की लोकेशन की सटीक जानकारी थी. उन्हें पता था कि वह कार में किस तरफ बैठे हैं.

सीनियर पुलिस अधिकारी ने बताया कि हमलावरों ने जिस सफाई और फुर्ती से काम किया है, उससे साफ है कि उन्होंने पहले से रेकी की थी. इस पूरे कांड में करीब 8 लोगों के शामिल होने का शक है. जिनमें कुछ स्थानीय मददगार भी हो सकते हैं. 

क्या है पूरा मामला?

बंगाल चुनाव में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत यानी 207 सीटें जीतने के बाद बुधवार, 6 मई की रात को यह वारदात हुई थी. पूर्व वायुसेना कर्मी और मुख्यमंत्री के PA चंद्रनाथ रथ जब मध्यमग्राम स्थित अपने घर लौट रहे थे, उसी उनके घर से मात्र 200 मीटर पहले एक सिल्वर निसान माइक्रा कार ने उनका रास्ता रोका. इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, बाइक सवार बदमाशों ने नजदीक से उन पर गोलियों की बौछार कर दी. चंद्रनाथ रथ की मौके पर ही मौत हो गई.

आगे की जांच

पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल चोरी की निसान माइक्रा कार और दो मोटरसाइकिलें बरामद कर ली हैं. शुरुआती जांच में पता चला है कि शूटरों को खास तौर पर यूपी और बिहार से बुलाया गया था. पुलिस की टीमें अब इस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए पड़ोसी राज्यों में डेरा डाले हुए हैं .

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