CM Yogi Birthday: सीएम योगी आदित्यनाथ के जन्मदिन पर अमित शाह, मायावती ने जिस तरह से किया विश, होने लगी चर्चाएं..

CM Yogi Birthday: उत्तर प्रदेश के सीएम और बीजेपी के कद्दावर नेता योगी आदित्यनाथ का आज जन्मदिन है. इस खास मौके पर सियासी गलियारों तक बधाई संदेशों की बाढ़ आ गई है.

योगी आदित्यनाथा का आज है बर्थडे
योगी आदित्यनाथा का आज है बर्थडे

सुषमा पांडेय

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और भाजपा के कद्दावर नेता योगी आदित्यनाथ का आज जन्मदिन है. इस खास मौके पर सोशल मीडिया से लेकर देश के सियासी गलियारों तक बधाई संदेशों की बाढ़ आ गई है. क्या दोस्त और क्या विरोधी, हर कोई आज उत्तर प्रदेश के मुखिया को शुभकामनाएं दे रहा है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से लेकर बसपा सुप्रीमो मायावती तक ने सीएम योगी को बधाई दी है, जिसके बाद इन संदेशों के सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं. 

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अपनी बेबाक शैली, कड़े फैसलों और समर्थकों के बीच बुलडोजर बाबा या महाराज के नाम से मशहूर योगी आदित्यनाथ का सियासी सफर बेहद दिलचस्प रहा है. आइए जानते हैं कि उत्तराखंड के एक साधारण पहाड़ी गांव का लड़का कैसे देश के सबसे बड़े सूबे का लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री बन गया. 

पहाड़ के अजय सिंह बिष्ट से योगी आदित्यनाथ बनने का सफर

सीएम योगी आदित्यनाथ का जन्म 5 जून 1972 को उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के पंचूर गांव में हुआ था. उनके बचपन का नाम अजय सिंह बिष्ट था. सात भाई-बहनों में पांचवें नंबर पर रहने वाले अजय पढ़ाई-लिखाई में काफी तेज थे और उन्होंने गणित विषय से बीएससी की डिग्री हासिल की थी. 

जब वे एमएससी की पढ़ाई कर रहे थे, तभी उनकी जिंदगी में एक बड़ा मोड़ आया. साल 1994 में महज 22 साल की उम्र में उन्होंने सांसारिक जीवन का त्याग कर दिया और गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में महंत अवैद्यनाथ से दीक्षा लेकर सन्यास का रास्ता चुन लिया. इसके बाद अजय सिंह बिष्ट हमेशा के लिए 'योगी आदित्यनाथ' बन गए. कुछ ही समय बाद गुरु महंत अवैद्यनाथ ने उन्हें अपना उत्तराधिकारी घोषित कर दिया. 

26 साल की उम्र में सांसद और फिर 2017 में यूपी की कमान

राजनीति में योगी आदित्यनाथ की एंट्री बेहद धमाकेदार रही. साल 1998 में वह महज 26 साल की उम्र में गोरखपुर से पहली बार लोकसभा चुनाव जीतकर देश के सबसे युवा सांसदों में शामिल हो गए. इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और लगातार पांच बार (1998, 1999, 2004, 2009 और 2014) सांसद चुने गए. कानून व्यवस्था, हिंदुत्व और राष्ट्रवाद जैसे मुद्दों पर प्रखरता से बोलने के कारण वे देश भर में लोकप्रिय होते गए. 

साल 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में जब भाजपा ने ऐतिहासिक बहुमत हासिल किया, तो 19 मार्च 2017 को योगी आदित्यनाथ ने पहली बार यूपी के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. एंटी-रोमियो स्क्वाड, अपराधियों के खिलाफ एनकाउंटर नीति और 'बुलडोजर कार्रवाई' जैसे कड़े फैसलों ने उन्हें देश-विदेश में एक अलग पहचान दिलाई. साल 2022 में उन्होंने दोबारा प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में वापसी कर एक नया इतिहास रच दिया. 

मायावती से लेकर अमित शाह के बधाई संदेशों के क्या हैं मायने?

सीएम योगी के जन्मदिन पर राजनीतिक दिग्गजों के संदेशों ने भी सबका ध्यान खींचा है. 

  • अमित शाह: केंद्रीय गृह मंत्री ने बधाई देते हुए कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में प्रदेश की डबल इंजन सरकार सुशासन और जन कल्याण के नए मापदंड स्थापित कर रही है. 
  • मायावती: बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी एक्स (ट्विटर) पर उन्हें बधाई देते हुए उनके स्वस्थ जीवन और दीर्घायु होने की कामना की, जिसकी राजनीतिक गलियारों में खूब चर्चा हो रही है. 
  • राजनाथ सिंह: रक्षा मंत्री ने उन्हें लोकप्रिय और कर्मठ मुख्यमंत्री बताते हुए कहा कि उनके दृढ़ संकल्प के कारण आज यूपी प्रगति के पथ पर है. 
  • केशव प्रसाद मौर्य: यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने भी प्रभु श्री राम से सीएम योगी के उत्तम स्वास्थ्य की कामना की है. 

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आज की तारीख में देश की राजनीति में योगी आदित्यनाथ ने एक ऐसी बड़ी लकीर खींच दी है, जिसे कोई चाहकर भी नजरअंदाज नहीं कर सकता. उनके समर्थक तो उन्हें भाजपा के सबसे बड़े स्टार प्रचारक और भविष्य के प्रधानमंत्री के तौर पर भी देखते हैं. 

 

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