मथुरा: कौन हैं दक्ष चौधरी? जिन्हें 'फरसे वाले बाबा' की मौत के बाद पुलिस ने बाल खींचकर किया गिरफ्तार

मथुरा पुलिस ने गौ रक्षक दक्ष चौधरी को 'फरसे वाले बाबा' की मौत के बाद भीड़ को उकसाने और अफवाह फैलाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है. उनके समर्थकों का दावा है कि दक्ष घटना के वक्त मौजूद नहीं थे और उन्हें जानबूझकर फंसाया जा रहा है, जबकि पुलिस का कहना है कि उनके पास हिंसा के पर्याप्त सबूत हैं.

मथुरा न्यूज
मथुरा न्यूज

गौरव कुमार पांडेय

follow google news

उत्तर प्रदेश के मथुरा में 'फरसे वाले बाबा' की मौत के बाद भड़की हिंसा और तनाव के बीच मशहूर गौ रक्षक दक्ष चौधरी की गिरफ्तारी ने मामले को और गरमा दिया है. सोशल मीडिया पर दक्ष चौधरी की गिरफ्तारी का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें पुलिस उन्हें बाल खींचकर और घसीटते हुए ले जाती नजर आ रही है. जहां पुलिस का दावा है कि दक्ष ने भीड़ को भड़काने और अफवाह फैलाने का काम किया, वहीं उनके समर्थकों का आरोप है कि उन्हें साजिश के तहत झूठी धाराओं में फंसाया जा रहा है.

Read more!

क्या है पूरा मामला?

घटना की शुरुआत 21 मार्च 2026 को हुई, जब मथुरा के प्रसिद्ध गौ सेवक चंद्रशेखर दास उर्फ फरसे वाले बाबा की एक सड़क हादसे में मौत हो गई. पुलिस इसे महज एक दुर्घटना बता रही थी, लेकिन बाबा के शिष्यों और समर्थकों ने इसे हत्या की साजिश करार दिया. इसके विरोध में नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया गया, जहां पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प हुई और जमकर पत्थरबाजी भी हुई.

दक्ष चौधरी की एंट्री और गिरफ्तारी

इस घटना की खबर मिलते ही गाजियाबाद के रहने वाले दक्ष चौधरी अपनी टीम के साथ मथुरा पहुंचे. गिरफ्तारी से पहले उन्होंने एक वीडियो जारी कर सभी गौ रक्षकों से मथुरा पहुंचने की अपील की थी. मथुरा पुलिस के अनुसार:

  • दक्ष चौधरी ने मौके पर पहुंचकर भ्रामक तथ्य फैलाए और सरकारी कार्य में बाधा डाली.
  • पुलिस का आरोप है कि अंतिम संस्कार के बाद जब स्थिति शांत हो रही थी, तब दक्ष और उनके साथियों ने भीड़ को उग्र करने की कोशिश की.
  • एसएसपी मथुरा ने बताया कि दक्ष चौधरी और उनके तीन साथियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है.

समर्थकों का दावा: "दक्ष तो शाम को पहुंचे थे"

सोशल मीडिया पर दक्ष चौधरी के साथियों ने मोर्चा खोल दिया है. उनका कहना है कि मथुरा में पथराव सुबह 10 बजे हुआ था, जबकि दक्ष और उनकी टीम शाम को वहां पहुंची थी. समर्थकों का आरोप है कि:

  • पुलिस ने जिन धाराओं (पथराव और उकसाने) में मुकदमा दर्ज किया है, वे पूरी तरह निराधार हैं.
  • जिस वक्त की यह घटना बताई जा रही है, उस वक्त दक्ष को पुलिस ने पहले से ही उनके घर पर डिटेन कर रखा था.
  • हिंदूवादी संगठनों के ही कुछ पदाधिकारियों ने निजी रंजिश में दक्ष के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराया है.

पुलिस का स्पष्टीकरण

विवाद बढ़ता देख मथुरा पुलिस ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि अभियुक्तों ने छाता-बरसाना रोड को ब्लॉक कर दिया था. जब पुलिस ने उन्हें समझाने की कोशिश की, तो भीड़ ने जान से मारने की धमकी देते हुए पथराव शुरू कर दिया. पुलिस ने मौके से पत्थर, चप्पल और लाठी-डंडे भी बरामद करने का दावा किया है.

फिलहाल, दक्ष चौधरी न्यायिक हिरासत में हैं और मथुरा में भारी पुलिस बल तैनात है. सोशल मीडिया पर दक्ष की गिरफ्तारी को लेकर 'न्याय' की मांग उठ रही है, वहीं पुलिस प्रशासन शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अलर्ट मोड पर है.

ये भी पढ़ें: इटावा: 2 शादियां, तीसरी के लिए 15 लाख दहेज...किराए के कमरे में रहने वाले IAS प्रीतम निषाद की असली कहानी ने दिया बड़ा झटका

    follow google news