DDU विवाद: भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों को दरोगा की धमकी, अखिलेश यादव के ट्वीट से मचा हड़कंप! 

गजेंद्र त्रिपाठी

09 Sep 2026 (अपडेटेड: Sep 9 2026 3:58 PM)

DDU Gorakhpur University News: गोरखपुर विश्वविद्यालय में 25 अगस्त से चल रहा छात्रों का धरना 5 सितंबर को भूख हड़ताल में बदल गया. 8 सितंबर को छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया, जिसके बाद गोरखपुर यूनिवर्सिटी चौकी के SHO अविरल मिश्रा का एक वीडियो वायरल हो गया. जानिए क्या है पूरा DDU विवाद, छात्रों की मांगें और वायरल वीडियो की पूरी कहानी.

DDU Gorakhpur University News
DDU Gorakhpur University News
Google CTA

गोरखपुर विश्वविद्यालय का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल है. इसमें दारोगा के तेवर और उनके कुछ आपत्तिजनक शब्द पर तरह-तरह के रिएक्शन आ रहे हैं. इस मामले में सपा प्रमुख अखिलेश यादव के ट्वीट से खलबली मचा दी है. अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया X पर दरोगा का वीडियो पोस्ट का लिखा-'मुख्य-मुख से प्रेरित हैं, इसीलिए मौखिक रूप से इतने उद्वेलित हैं. संयम रखें और सौम्यता भी क्योंकि ये आंदोलनकारी छात्र हैं; कोई अपराधी नहीं.' सपा प्रमुख के इस पोस्ट ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है. वहीं धरने पर बैठे छात्रों का कहना है कि जबतक उनकी मांगें पूरी नहीं होती है, वह आंदोलन खत्म नहीं करेंगे. विस्तार से जानिए मामले की पूरी कहानी.

Read more!

क्या है पूरा मामला?

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन के सामने 25 अगस्त से छात्र धरने पर बैठे थे, लेकिन मांगें नहीं सुनने और माने की स्थिति में 5 सितंबर को यह धरना भूख हड़ताल में बदल गया. छात्र अपने 5 सूत्री मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं और पिछले 4 दिनों से सतीश प्रजापति भूख हड़ताल पर है. इसी बीच बीते कल यानी 8 सितंबर को छात्रों की भूख हड़ताल खत्म करने और उनसे बातचीत करने के लिए एडिशनल प्रॉक्टर डॉ वेद प्रकाश राय पहुंचे. इस दौरान छात्रों ने अपनी मांगे रखीं लेकिन दोनों पक्षों के बीच बात नहीं बनी. इसके बाद कहासुनी शुरू हो गई और देखते ही देखते मामला तनावपूर्ण हो गया.

SHO अविरल मिश्रा ने ऐसा क्या कहा की वीडियो हुआ वायरल?

नाराज छात्रों ने वेद प्रकाश राय को दौड़ा दिया और वह बचकर यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक भवन परिसर से दौड़ते हुए गार्ड और पुलिस की सुरक्षा में बाहर निकल गए. इसी बीच वहां मौजूद गोरखपुर यूनिवर्सिटी चौकी के इंचार्ज SHO अविरल मिश्रा ने छात्रों को धमकी दिया. उन्होंने कुछ आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया और आगे कहा कि, 'इतनी फोर्स लगाऊंगा कि ठंडा कर दूंगा... जान नहीं रहे हो, ये गोरखपुर पुलिस है.' यहीं वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गई. इसके बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव के ट्वीट ने राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है.

मांगों को लेकर अड़े हुए है छात्र

इन सब के बावजूद छात्रों के ऊपर कोई असर नहीं पड़ा है. सतीश प्रजापति और उनके साथ भूख हड़ताल पर बैठे हुए है. उनका कहना है कि वह तब तक अपनी भूख हड़ताल और धरना खत्म नहीं करेंगे जब तक उनकी पांच सूत्रीय मांगे मान नहीं ली जाती हैं. सतीश का आरोप है कि गोरखपुर विश्वविद्यालय में बीते 10 सालों से छात्र संघ चुनाव नहीं होने दिया जा रहा है. उन्होंने मांग की है कि छात्र संघ चुनाव कराया जाए. विश्वविद्यालय के हॉस्टल की समस्याओं का समाधान किया जाए और मेस खुलवाया जाए. 

इसके साथ ही उन्होंने सवाल उठाते हुए मांग की है कि, जब छात्र संघ चुनाव नहीं हो रहा है तो फिर छात्रों से शुल्क क्यों लिया जा रहा है, इसे बंद किया जाए. विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा कैंपस के अंदर करोड़ों रुपए का पेड़ काटकर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया गया, इसकी जांच की जाए. सतीश प्रजापति ने साफ कहा है कि, विश्वविद्यालय प्रशासन उनकी मांग नहीं मानता है तो उन्हें आमरण अनशन के लिए बाध्य होना पड़ेगा.

पहले भी गोरखपुर यूनिवर्सिटी में हुआ है बवाल

आपको बता दें कि यह पहला मौका नहीं है जब गोरखपुर यूनिवर्सिटी में ऐसी स्थिति देखने को मिली है. इससे पहले छात्र संघ चुनाव से लेकर कई और मुद्दों पर छात्र आंदोलन करते हुए नजर आ चुके है. हालांकि इसके बावजूद ना तो समस्याएं खत्म हुई है और ना ही विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा इन परेशानियों का समाधान किया गया. ऐसी स्थिति में यह देखना होगा कि आखिर यह आंदोलन कैसे रूप लेता है और विश्वविद्यालय छात्रों की समस्या का समाधान निकालता है कि नहीं. 

'इतनी फोर्स लगाऊंगा कि ठंडा कर दूंगा...' DDU कैंपस में भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों से भिड़ी पुलिस, दारोगा की भाषा पर उठे सवाल