Deepika Nagar Death Case: नोएडा के जलपुरा में हुई दीपिका नागर की संदिग्ध मौत के मामले ने अब एक नया मोड़ ले लिया है. जहां एक तरफ मायके पक्ष का आरोप है कि दीपिका को ससुराल वालों ने प्रताड़ित कर मार डाला, वहीं दूसरी तरफ यूपी तक की ग्राउंड रिपोर्ट में पड़ोसियों और चश्मदीदों ने कई ऐसे चौंकाने वाले खुलासे किए हैं जो मायके पक्ष के दावों पर सवालिया निशान खड़े करते हैं.
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जलपुरा गांव में दीपिका के ससुराल पक्ष के पड़ोसियों, चश्मदीदों और रिश्तेदारों ने खुलकर बातचीत की और उस रात का पूरा घटनाक्रम सामने रखा.
चश्मदीद गुलजार की जुबानी, उस रात क्या हुआ था?
दीपिका के घर के ठीक सामने रहने वाले चश्मदीद गुलजार ने बताया कि घटना रात के करीब 12:30 बजे की है. गांव में लाइट गई हुई थी, तभी अचानक ट्रांसफार्मर में ब्लास्ट जैसी एक बहुत तेज आवाज आई. गुलजार जब घर से बाहर निकले तो उन्होंने दीपिका को जमीन पर पड़ा हुआ देखा.
गुलजार के मुताबिक, "दीपिका का पति ऋतिक जीने (सीढ़ियों) से चिल्लाता और दौड़ता हुआ नीचे आया. उसने दीपिका को उठाने की कोशिश की लेकिन जब वह नहीं उठी, तो उसने मुझसे मदद मांगी. उस समय दीपिका की सांसें चल रही थीं. हम उसे तुरंत पास के सैनी हॉस्पिटल ले गए, जहां से डॉक्टरों ने उसे शारदा हॉस्पिटल के लिए रेफर कर दिया."
घटना से ठीक पहले ससुर और दामाद ने साथ पी थी शराब
पड़ोसियों और रिश्तेदारों ने मायके पक्ष के प्रताड़ना और दहेज के आरोपों को सिरे से खारिज किया है. पड़ोसी जितेश ने बताया कि घटना से ठीक पहले यानी उसी रात को दीपिका के पिता, मामा और दीपिका के ससुर मनोज ने एक साथ फार्म हाउस पर शराब पी थी और साथ में खाना भी खाया था.
पड़ोसी ने दावा किया कि अस्पताल पहुंचने पर शुरुआत में दीपिका के पिता ने खुद डॉक्टरों और वहां मौजूद लोगों के सामने कहा था कि इसमें ससुर मनोज की कोई गलती नहीं है, क्योंकि लड़की छत से गिरी है. लेकिन बाद में मायके पक्ष के अन्य लोगों के आने के बाद मामला बदल गया और अस्पताल में ससुराल पक्ष के लोगों के साथ हाथापाई भी की गई.
दीपिका के नाम पर थी करोड़ों की प्रॉपर्टी
रिश्तेदारों और पड़ोसियों का कहना है कि दहेज में 50 लाख रुपये और फॉर्च्यूनर कार मांगने का आरोप पूरी तरह बेबुनियाद है. दीपिका के ससुर मनोज ने खुद दीपिका के नाम पर जलपुरा में विला और प्लॉट्स की रजिस्ट्री कराई हुई थी. चूंकि दीपिका काफी पढ़ी-लिखी थी, इसलिए उसके ससुर मनोज एक बड़ा स्कूल बनवा रहे थे, जिसका पूरा जिम्मा और प्रिंसिपशिप दीपिका को ही सौंपी जानी थी. सोशल मीडिया पर भी ऋतिक और दीपिका के कई ऐसे वीडियो हैं जो दोनों के बीच गहरे प्यार को दर्शाते हैं.
काम के बोझ को लेकर हुआ था विवाद?
ऋतिक के रिश्तेदारों ने बताया कि वह आज ही जेल में ऋतिक और मनोज से मिलकर आए हैं. ऋतिक ने उन्हें बताया कि घर में पिछले कुछ दिनों से काम का बोझ ज्यादा था. दरअसल, ऋतिक की मां (दीपिका की सास) अपोलो अस्पताल में अपनी बहन के किडनी ट्रांसप्लांट के सिलसिले में 13 तारीख से वहीं भर्ती थीं. घर में मेहमानों के आने-जाने के कारण दीपिका पर काम का दबाव था, जिसे लेकर रात करीब 11:30 से 12:00 बजे के बीच दोनों पति-पत्नी में कुछ बहस (Arguments) हुई थी. इसके बाद दीपिका ऊपर चली गई और यह दर्दनाक हादसा हो गया.
पुलिस ले गई CCTV की DVR
गांव वालों और रिश्तेदारों का आरोप है कि पुलिस राजनीतिक और मायके पक्ष के दबाव में आकर एकतरफा कार्रवाई कर रही है. एफआईआर में उन रिश्तेदारों और लड़कियों के नाम भी डाल दिए गए हैं जो घटना के वक्त 1 किलोमीटर दूर अपने घरों में सो रहे थे.
गांव वालों का कहना है, "अगर मनोज या ऋतिक दोषी हैं, तो उन्हें कड़ी से कड़ी सजा (उम्रकैद या फांसी) मिले, पूरा गांव प्रशासन के साथ है. लेकिन बेगुनाह परिवार को न फंसाया जाए. पुलिस फार्म हाउस और घर के सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर (DVR) अपने साथ ले गई है, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके."
ये है पूरा मामला
ग्रेटर नोएडा के जलपुरा में बीते 17 मई की देर रात संदिग्ध परिस्थितियों में तीसरी मंजिल से गिरकर दीपिका नागर की मौत हो गई, जिसके बाद मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर दहेज के लिए हत्या करने और शादी के बाद से ही लगातार प्रताड़ित करने का संगीन आरोप लगाया है. मृतका की बहन सारिका नागर ने घटना वाली रात हुई आखिरी बातचीत का हवाला देते हुए बताया कि दीपिका काफी परेशान थी और उसने आरोपियों के एनकाउंटर तक की मांग की है. हालांकि, इस पूरे मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दीपिका के पति ऋतिक और ससुर मनोज को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है.
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