दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा में उस वक्त बड़ी चूक सामने आई जब 6 अप्रैल 2026 की दोपहर एक तेज रफ्तार कार मुख्य गेट को तोड़ते हुए अंदर जा घुसी. कार पर उत्तर प्रदेश का नंबर देख सुरक्षाकर्मियों के हाथ-पांव फूल गए, हालांकि मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी को मौके पर ही दबोच लिया गया. पकड़े गए शख्स की पहचान यूपी के पीलीभीत निवासी सर्वजीत सिंह के रूप में हुई है.
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मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने का दावा
घटना की खबर मिलते ही पीलीभीत पुलिस और एसओजी की टीम आरोपी के पैतृक गांव सिंहपुर (थाना सिरामऊ उत्तरी) पहुंची. सर्वजीत के भाई अवतार सिंह ने बताया कि उसका भाई पिछले कुछ समय से मानसिक रूप से परेशान था और उसका शाहजहांपुर से इलाज चल रहा था. परिवार का कहना है कि सर्वजीत का भांजा पिछले कई दिनों से लापता है, जिसकी तलाश में वह काफी डिस्टर्ब रहता था.
पीएम मोदी से मिलना चाहता था आरोपी
भाई के मुताबिक, सर्वजीत बार-बार कहता था कि सरकार उसके भांजे को ढूंढने में मदद नहीं कर रही है. वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर अपनी फरियाद सुनाना चाहता था. इसी मकसद से वह घर से बिना बताए निकला था. परिवार का मानना है कि लापता भांजे को लेकर उपजे आक्रोश और मानसिक तनाव के कारण उसने यह आत्मघाती कदम उठाया.
जांच में जुटी पुलिस और एसओजी
दिल्ली पुलिस के साथ-साथ यूपी पुलिस भी अब सर्वजीत की पूरी कुंडली खंगाल रही है. पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या यह वाकई केवल एक परेशान व्यक्ति की कोशिश थी या इसके पीछे कोई गहरी साजिश है. पीलीभीत के पूरनपुर कस्बे में भी उसके ठिकानों पर पूछताछ की जा रही है. फिलहाल राजधानी दिल्ली से लेकर पीलीभीत तक सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं.
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