होर्मुज स्ट्रेट हमले में जान गंवाने वाले शिवानंद का शव पहुंचा देवरिया, चीखों से गूंजा पूरा गांव, पिता ने रखी 5 मांगे!

होर्मुज स्ट्रेट क्षेत्र में जहाज पर हुए हमले में देवरिया के शिवानंद चौरसिया की मौत के आठ दिन बाद उनका शव पैतृक गांव सुरौली पहुंचा. पीड़ित परिवार ने आर्थिक सहायता, सरकारी नौकरी और शहीद का दर्जा देने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया. डीएम के आश्वासन और पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार पर सहमति बनी.

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राम प्रताप सिंह

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होर्मुज स्ट्रेट के पास एक जहाज पर हुए अमेरिकी हमले में जान गंवाने वाले उत्तर प्रदेश के देवरिया जिला निवासी शिवानंद चौरसिया का शव करीब 8 दिनों के लंबे इंतजार के बाद उनके पैतृक गांव सुरौली पहुंचा. जैसे ही शिवानंद का पार्थिव शरीर एंबुलेंस से गांव लाया गया, वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं. मृतक की पत्नी, बच्चों और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था. ग्रामीणों की भारी भीड़ के बीच इलाके में मातमी सन्नाटा पसर गया.

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शिवानंद चौरसिया विदेश में रहकर मर्चेंट शिप पर नौकरी करते थे, जिससे उनके पूरे परिवार का भरण-पोषण होता था. आठ दिन पहले एक दुखद हादसे में उनकी मौत हो गई थी. उनका शव हवाई मार्ग से पहले गोरखपुर लाया गया, जहां से एंबुलेंस के जरिए उसे देवरिया स्थित उनके गांव पहुंचाया गया. शव के गांव पहुंचते ही दुखी परिजनों ने एंबुलेंस से पार्थिव शरीर को उतारने से मना कर दिया और प्रशासन के सामने अपनी मांगें रख दीं.

पांच सूत्रीय मांग पत्र सौंपा

मृतक के पिता रामजी चौरसिया ने स्थानीय प्रशासन को पांच सूत्रीय मांग पत्र सौंपा है. परिवार की मांग है कि शिवानंद चौरसिया को शहीद का दर्जा दिया जाए, पीड़ित पत्नी को सरकारी नौकरी मिले, केंद्र और राज्य सरकार की तरफ से एक-एक करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी जाए और दोनों बच्चों की इंटरमीडिएट तक की शिक्षा मुफ्त की जाए.

DM-SP ने पीड़ित परिवार से की मुलाकात

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए देवरिया के जिलाधिकारी मधुसूदन हुलगी और पुलिस अधीक्षक तुरंत मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं. जिलाधिकारी ने परिजनों को आश्वस्त किया कि उनकी आर्थिक मदद और नौकरी संबंधी सभी मांगों को राज्य सरकार के पास भेजा जा रहा है, वहां से जो भी निर्णय होगा, उससे परिवार को अवगत करा दिया जाएगा. प्रशासन के आश्वासन और परिजनों की सहमति के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया, जिसके बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जाएगी.

राजभर ने की पीड़ित परिवार से मुलाकात

इस दुखद घड़ी में राजनेताओं का भी सुरौली गांव में तांता लगा रहा. सलेमपुर से समाजवादी पार्टी के सांसद रमाशंकर राजभर ने पीड़ित परिवार से मिलकर सांत्वना दी. उन्होंने कहा कि वह इस गंभीर मुद्दे को संसद में उठाएंगे और पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये की मदद व सरकारी नौकरी दिलाने की मांग करेंगे.

वहीं, भाजपा विधायक सुरेंद्र चौरसिया ने भी गांव पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की और सरकार की तरफ से हरसंभव मदद दिलाने का भरोसा दिया. दूसरी तरफ, मृतक के मामा ने सरकार के रवैये पर असंतोष जताते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में पीड़ित परिवार को शासन की तरफ से संवेदनशीलता और मजबूत सहारे की उम्मीद है.

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