आज का दौर पूरी तरह डिजिटल दौर बन चुका है, जहां शिक्षा, ज्ञान और रोजगार सब कुछ तकनीक पर ही आधारित है. उत्तर प्रदेश की योगी सरकार का लक्ष्य राज्य के हर युवा को तकनीक से लैस करना और उन्हें डिजिटल रूप से सक्षम बनाना है. इसी सोच को धरातल पर उतारने के लिए सरकार द्वारा 'स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना' चलाई जा रही है, जिसका डिजिटल हब डीजीशक्ति (Digi Shakti) पोर्टल है. इस योजना के जरिए प्रदेश के युवाओं को ग्लोबल कॉम्पिटिशन के लिए तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है.
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क्या है डीजीशक्ति पोर्टल और इसकी मुख्य खासियतें
आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, डीजीशक्ति पोर्टल उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शुरू किया गया एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है जिसके जरिए राज्य के योग्य युवाओं को मुफ्त टैबलेट और स्मार्टफोन वितरित किए जाते हैं. इस पूरी वितरण प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती जाती है ताकि किसी भी तरह के बिचौलियों की कोई भूमिका न रहे और लाभ सीधे युवाओं तक पहुंचे.
इस पोर्टल के माध्यम से यूनिवर्सिटी और कॉलेजों के जरिए छात्रों का पारदर्शी डाटाबेस तैयार किया जाता है. इसमें फ्री डिवाइस वितरण के साथ-साथ डिजिटल ट्रैकिंग की सुविधा भी दी गई है, जिससे छात्र पोर्टल पर जाकर यह जांच सकते हैं कि उनका डेटा अपलोड हुआ है या नहीं और उन्हें डिवाइस कब तक मिलेगा. यह पहल केवल गैजेट्स देने तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं को डिजिटल कौशल और ई-कंटेंट से जोड़ने का काम भी करती है.
योजना का लाभ पाने के लिए पात्रता और शर्तें
इस योजना का लाभ उठाने के लिए सरकार ने कुछ जरूरी पात्रता शर्तें तय की हैं. सबसे पहली और महत्वपूर्ण शर्त यह है कि छात्र का उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना अनिवार्य है. इसके अलावा, छात्र को उत्तर प्रदेश के किसी भी मान्यता प्राप्त स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी या संस्थान में ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन, डिप्लोमा, टेक्निकल या स्किल डेवलपमेंट का कोर्स कर रहा होना चाहिए. साथ ही, छात्र ने अपनी पिछली परीक्षा में तय किए गए न्यूनतम अंकों के साथ सफलता हासिल की हो. इस योजना के तहत उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों को प्राथमिकता के आधार पर डिवाइस दिए जाते हैं.
कैसे मिलेगा लाभ और स्टेटस ट्रैकिंग की प्रक्रिया
मुफ्त स्मार्टफोन और टैबलेट का फायदा लेने के लिए छात्रों को खुद से व्यक्तिगत रूप से किसी भी तरह का कोई ऑनलाइन फॉर्म भरने की जरूरत नहीं होती है. छात्र जिस शिक्षण संस्थान, यूनिवर्सिटी या कॉलेज में पढ़ाई कर रहे हैं, वही संस्थान छात्र का डेटा सीधे सरकार के डीजीशक्ति पोर्टल पर अपलोड करता है. डेटा का वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद छात्रों को उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एसएमएस (SMS) के माध्यम से अपडेट भेज दिया जाता है. छात्र चाहें तो डीजीशक्ति पोर्टल पर अपनी यूनिवर्सिटी या कॉलेज का नाम डालकर अपने डिवाइस का स्टेटस भी आसानी से ट्रैक कर सकते हैं.
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यूपी की छात्राओं को मिलेगी फ्री स्कूटी! जानिए कौन होंगी पात्र और पूरी करनी होंगी कौन-सी शर्तें
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