Firozabad Jitendra Pathak: बच्चे को पटककर मारने के बाद भाई से फोन पर क्या बातें कर रहा था आरोपी जितेंद्र, पता चली नई कहानी

न्यूज तक डेस्क

• 01:45 PM • 05 Jun 2026

Firozabad Jitendra Pathak Case: फिरोजाबाद के शिकोहाबाद में आपसी रिश्ते में बाधा बनने पर जितेंद्र पाठक उर्फ विराज ने 18 महीने के मासूम बच्चे की सड़क पर पटक-पटक कर निर्मम हत्या कर दी.

Firozabad Jitendra Pathak
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Firozabad Jitendra Pathak: उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद से हाल ही में एक ऐसी रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई, जिसने पूरे प्रदेश को हिलाकर रख दिया. शिकोहाबाद कस्बे में एक सिरफिरे शख्स ने 18 महीने के मासूम बच्चे आरव को सड़क पर बेरहमी से पटक-पटक कर मौत के घाट उतार दिया. इस पूरी हैवानियत का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो लोगों का कलेजा मुंह को आ गया. 

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पुलिस की गिरफ्त में आए इस कलयुगी हत्यारे का नाम जितेंद्र पाठक उर्फ विराज है. पुलिस के मुताबिक, विराज का बच्चे की मां रति के साथ अफेयर था और वह मासूम बच्चा उन दोनों के रिश्ते के बीच 'दीवार' बन रहा था, इसी गुस्से में उसने इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया. लेकिन, आखिर कौन है यह विराज? ग्राउंड जीरो पर जब हमारी टीम ने आरोपी के पैतृक घर जाकर उसके भाइयों से बात की, तो उसके अतीत को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं.

कभी बेहद सीधा और शांत था विराज, फिर ऐसे बदला व्यवहार

आरोपी विराज (28 वर्ष) मूल रूप से बदायूं जिले के शेखूपुर कस्बे का रहने वाला है और एक बेहद साधारण परिवार से ताल्लुक रखता है. उसके तीन भाइयों सोनू, राजीव और मुनीष ने बताया कि विराज हाई स्कूल तक पढ़ा हुआ है. साल 2010 में पिता के निधन के बाद घर की आर्थिक स्थिति खराब हुई, तो उसकी पढ़ाई छूट गई. उसने कुछ समय टैक्सी चलाई और बाद में करीब दो साल पहले भाइयों ने पुश्तैनी जमीन बेचकर उसे एक बड़ा प्रोविजनल (किराने) का स्टोर खुलवा कर दिया, जो काफी अच्छा चल रहा था.

पड़ोसियों और भाइयों की मानें तो विराज का व्यवहार पहले बहुत ही सौम्य और सीधा था. वह कभी किसी से लड़ाई-झगड़ा नहीं करता था. लेकिन, पिछले कुछ महीनों से उसके बर्ताव में अचानक गहरा बदलाव आ गया था. वह दुकान पर बैठकर कई-कई घंटे फोन पर किसी से बात करता रहता था और बिना बताए दुकान बंद कर एक-दो दिनों के लिए गायब हो जाता था. घरवालों को तब नहीं पता था कि वो फिरोजाबाद में उस बच्चे की मां से मिलने जाता था.

सिर की चोट ने बना दिया था गुस्सैल

विराज के भाई राजीव ने बताया कि साल 2021 में एक विवाद के दौरान विराज के सिर पर लोहे की रॉड से जानलेवा हमला हुआ था. इस गंभीर चोट के बाद बरेली के वेदांता हॉस्पिटल में उसका लंबा इलाज चला. इस घटना के बाद से वह मानसिक रूप से चिड़चिड़ा और काफी गुस्सैल हो गया था. हालांकि, उसका ये गुस्सा केवल घर की चीजों (जैसे पानी की बाल्टी पलट देना) पर ही निकलता था, समाज में उसने कभी किसी बाहरी व्यक्ति या बच्चे से ऊंची आवाज में बात तक नहीं की थी. बाद में पैसे की कमी के कारण उसका दिमागी इलाज बीच में ही रुक गया था. 

वारदात के बाद भाई को किया फोन, कहा- "मेरे साथ धोखा हुआ"

मासूम आरव को बेरहमी से मौत के घाट उतारने के तुरंत बाद विराज ने सबसे पहले अपने बड़े भाई राजीव को फोन किया था. फोन पर वह फूट-फूट कर रो रहा था और उसने कहा, "भैया, मेरे साथ बहुत बड़ा धोखा हो गया है."

विराज के भाई सोनू ने उसके मोबाइल मैसेजेस का हवाला देते हुए बताया कि बच्चे की मां रति ने विराज को अपने प्रेमजाल में फंसा रखा था. उसके व्हाट्सएप पर ऐसे कई मैसेजेस हैं, जिसमें महिला ने लिखा था, "तुम मेरा डिवोर्स (तलाक) करवा दो, मैं तुमसे शादी कर लूंगी." भाइयों का आरोप है कि इस पूरी घटना के पीछे कहीं न कहीं उस महिला का भी हाथ है. 

जो उसने किया, उसकी कोई माफी नहीं

भले ही भाई विराज के मानसिक तनाव और उसके अतीत की दुहाई दे रहे हों, लेकिन इस खौफनाक वारदात के बाद हत्यारे का अपना परिवार भी पूरी तरह टूट चुका है. कैमरे पर भाइयों ने साफ शब्दों में माना कि विराज ने जो किया है, वह बेहद शर्मनाक और माफी के अयोग्य है. एक मासूम, निहत्थे बच्चे के साथ ऐसी हैवानियत को किसी भी कीमत पर जायज नहीं ठहराया जा सकता. 

फिलहाल, उत्तर प्रदेश पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान मुख्य आरोपी जितेंद्र उर्फ विराज को पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार कर लिया है. इस वारदात के बाद से ही शिकोहाबाद और बदायूं के स्थानीय इलाके में भारी आक्रोश और तनाव का माहौल बना हुआ है, जबकि पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है.