सिपाही से अधिकारी: यूपी पुलिस के आशीष शुक्ला ने PCS परीक्षा में गाड़े झंडे, 41वीं रैंक के साथ बने मिसाल

कानपुर में तैनात 2018 बैच के सिपाही आशीष शुक्ला ने यूपीपीसीएस परीक्षा में 41वीं रैंक हासिल की है। पिता के निधन के बावजूद मां के सहयोग और सीनियर अधिकारियों के प्रोत्साहन से आशीष अब कमर्शियल टैक्स ऑफिसर बनेंगे.

बीजापुर
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सिमर चावला

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"कौन कहता है कि आसमान में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारों." इस कहावत को चरितार्थ कर दिखाया है उत्तर प्रदेश पुलिस के एक सिपाही ने. कानपुर पुलिस कमिश्नरेट में तैनात सिपाही आशीष शुक्ला ने यूपीपीसीएस (UPPCS) परीक्षा में 41वीं रैंक हासिल कर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे पुलिस विभाग का नाम रोशन किया है. आशीष अब 'कमर्शियल टैक्स ऑफिसर' (CTO) के पद पर अपनी सेवाएं देंगे.

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अमेठी के रहने वाले हैं आशीष

मूल रूप से अमेठी के रहने वाले आशीष शुक्ला 2018 बैच के सिपाही हैं. आशीष की सफलता की कहानी संघर्षों से भरी है. तैयारी के दौरान ही उनके पिता का निधन हो गया था, जिसके बाद पूरे परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई थी. लेकिन आशीष ने हिम्मत नहीं हारी. उनकी मां ने ढाल बनकर उनका हौसला बढ़ाया और उन्हें पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रेरित किया. आशीष अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां के आशीर्वाद और पिता के संघर्षों को देते हैं.

ड्यूटी के साथ कैसे की पढ़ाई?

अक्सर पुलिस की नौकरी को समय के अभाव के कारण काफी कठिन माना जाता है, लेकिन आशीष के लिए यह 'टाइम मैनेजमेंट' की एक कला थी. आशीष ने बताया कि वह अपनी छुट्टियां (EL) बचाकर रखते थे ताकि मुख्य परीक्षा (Mains) के समय उनका उपयोग कर सकें. उन्होंने पिछले 7 सालों से कोई लंबी छुट्टी नहीं ली थी. आशीष का कहना है कि पुलिस विभाग में रहते हुए कई लोग अच्छे लेखक या खिलाड़ी बनते हैं, उनका लक्ष्य पढ़ाई था, इसलिए वह समय निकालकर निरंतर मेहनत करते रहे.

सीनियर अधिकारियों का मिला भरपूर सहयोग

आशिष अपनी कामयाबी में अपने सीनियर अधिकारियों- कासिम आबिदी (IPS), सुमित रामटेक और शिवा मैम के सहयोग को महत्वपूर्ण मानते हैं. उन्होंने बताया कि जब अधिकारियों को पता चला कि वह प्रीलिम्स निकाल चुके हैं, तो उन्होंने आशीष को प्रोत्साहित किया और पढ़ाई के लिए जरूरी छुट्टियां और माहौल उपलब्ध कराया.

अगला लक्ष्य: यूपीएससी (UPSC)

पीसीएस में 41वीं रैंक हासिल करने के बाद भी आशीष रुकने वाले नहीं हैं. उन्होंने बताया कि अभी यूपीएससी में उनके तीन प्रयास बाकी हैं और वह 24 मई को होने वाली परीक्षा की तैयारी में जुट गए हैं. जब उनसे पूछा गया कि वह भविष्य में क्या बनना चाहते हैं, तो उन्होंने बड़ी सादगी से जवाब दिया- "लक्ष्य जो भी हो, सबसे पहले एक अच्छा इंसान बनना है."

 

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