गुपचुप शादी, फिर मेले में ग्रैंड एंट्री... कौन हैं गौरव चौधरी और उनकी पत्नी मोनिका यादव को जिन्हें देखने टूट पड़े लोग

Gaurav Chaudhary and Monica Yadav wedding: मेरठ के जिला पंचायत अध्यक्ष गौरव चौधरी और फर्रुखाबाद की जिला पंचायत अध्यक्ष मोनिका यादव शादी के बाद पहली बार सार्वजनिक मंच पर साथ नजर आए. नौचंदी मेले में पहुंचे इस चर्चित राजनीतिक जोड़े को देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ पड़ी. दोनों की मौजूदगी और प्रेम कहानी अब सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक चर्चा का विषय बनी हुई है.

गौरव और मोनिका को देखने के लिए उमड़ी भीड़
गौरव और मोनिका को देखने के लिए उमड़ी भीड़

उस्मान चौधरी

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Gaurav Chaudhary wedding: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के जिला पंचायत अध्यक्ष और बीजेपी नेता गौरव चौधरी इन दिनों अपनी शादी को लेकर चर्चा में हैं. राज्य से लेकर सोशल मीडिया तक हरफ उनकी चर्चा हो रही है. इस बीच गौरव चौधरी अपनी नई नवेली दुल्हन मोनिका यादव के साथ रविवार शाम को मेरठ के ऐतिहासिक नौचंदी मेले में पहुंचे. इस दौरान दोनों ने मेला परिसर के अंदर बने पटेल मंडप में आयोजित हरियाणवी नाइट के कार्यक्रम में शिरकत की. मौके पर कार्यक्रम में हरियाणव की फेमस सिंगर रेणकु पवार के गाने पर जमकर लुत्फ उठाया. अपको बता दें कि गौरव, मोनिका यादव के साथ ही  खुद भी फर्रुखाबाद की जिला पंचायत अध्यक्ष हैं. 

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दोनों को देखने के लिए बेकाबू हुई भीड़

इस दाैरान मेरठ के जिला पंचायत अध्यक्ष गौरव चौधरी की पत्नी मोनिका यादव को देखने के लिए नौचंदी मेले में भारी भीड़ जमा हो गई. हर कोई इस नए जोड़े और फर्रुखाबाद की जिला पंचायत अध्यक्ष को करीब से देखने के लिए उत्सुक नजर आया. आपको बता दें कि अभी तीन दिन पहले ही गौरव चौधरी और मोनिका यादव ने हिमाचल प्रदेश के सोलन में जाकर सात फेरे लिए थे. इस शादी को काफी निजी रखा गया था. इसके फंशन में गौरव चौधरी के बेहद करीबी लोग और रिश्तेदार ही शामिल हुए थे. शादी के बाद दोनों पहली बाद एक साथ  नजर आए है. इसके साथ ही खास बात ये है कि जिस मेले में दोनों घूम हरे थे. उसका आयोजन गौरव ने ही कराया जा रहा है.

खुद बताया क्यों लेकर आए पत्नी मोनिका यादव को मेले में

वहीं इस दौरान गौरव ने मीडयो से बात की और अपनी पत्नी को  मेले में लाने की वजह बताई. उन्होंने कहा कि अपनी धर्मपत्नी मोनिका यादव को इस मेले में लाने का उनका उद्देश्य ये था कि मानिका भी इस  ऐतिहासिक मेले को देख सकें और हमारी पुरानी संस्कृति को करीब से जान सकें. इस दौरान गौरव ने कहा कि मैं खुद को बहुत भाग्यशाली मानता हूं कि मेरे सारे भाई-बहन मुझे इतना प्यार दे रहे हैं. 

पति गौरव चौधरी की वजह से मिला नौचंदी मेला देखने का मौका

वहीं फर्रुखाबाद की जिला पंचायत अध्यक्ष मोनिका यादव ने भी मीडिया से बातचीत की. उन्होंने कहा कि आज उन्हें इस ऐतिहासिक नौचंदी मेले में आने का मौका मिल. उन्होंने कहा कि उनकी शादी की चर्चा इस समय पूरे नेशनल मीडिया में हो रही है. इस बीच पत्रकारों ने मोनिका यादव से आने वाले साल 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर सवाल पूछा तो उन्होंने बहुत ही सादगी से जवाब दिया और कहा कि आज वह कोई भी राजनीतिक बात नहीं करना चाहती हैं.

जानिए कौन हैं मोनिका यादव?

मोनिका यादव उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद के एक बहुत बड़े और रसूखदार राजनीतिक परिवार से संबंध रखती हैं. उनके पिता का नाम नरेंद्र सिंह यादव है जो क्षेत्र के एक दिग्गज नेता हैं. नरेंद्र सिंह यादव छह बार विधायक चुने जा चुके हैं और वे मुलायम सिंह यादव तथा अखिलेश यादव की सरकारों में मंत्री पद की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं. नरेंद्र सिंह यादव ने कांग्रेस के टिकट पर अपना पहला चुनाव जीता था और बाद में जब समाजवादी पार्टी का गठन हुआ तो वे मुलायम सिंह यादव के साथ चले गए थे. मोनिका यादव के दादा राजेंद्र सिंह यादव भी अपने समय के बड़े राजनेता थे और वे प्रजा समाजवादी पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक थे. वे यूपी सरकार में मंत्री भी रहे और शमशाबाद तथा मोहम्मदाबाद सीट से सात बार विधायक चुने गए थे. मोनिका यादव इसी राजनीतिक परिवार की तीसरी पीढ़ी की सदस्य हैं और वे पूर्व में सपा सांसद धर्मेंद्र यादव की पत्नी भी रह चुकी हैं.

जर्मनी की नौकरी छोड़ने वाले गौरव चौधरी कौन?

अगर गौरव चौधरी की बात करें तो वे उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के जिला पंचायत अध्यक्ष होने के साथ-साथ भारतीय जनता पार्टी के उभरते हुए नेता हैं. वे मूल रूप से मेरठ के कुशेड़ी गांव के रहने वाले हैं. गौरव चौधरी की पढ़ाई-लिखाई विदेश में हुई है. उन्होंने जर्मनी से अपनी उच्च शिक्षा पूरी की और वहीं पर करीब 14 साल तक कंस्ट्रक्शन यानी निर्माण और मसालों का एक बहुत बड़ा और सफल बिजनेस चलाया. बिजनेस छोड़कर वे भारत आए और राजनीति में सक्रिय हुए.

कैसे हुई दोनों की मुलाकात?

गौरव चौधरी और मोनिका यादव की पहली मुलाकात जिला पंचायत अध्यक्षों की सरकारी बैठकों के दौरान हुई थी. धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और आखिरकार दोनों ने हिमाचल प्रदेश के सोलन में जाकर एक-दूसरे के साथ शादी कर ली.

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