उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित ट्रोनिका सिटी इलाके से एक बेहद सनसनीखेज और रोंगटे खड़े कर देने वाला हत्याकांड सामने आया है. यहां एक बंद कमरे के भीतर मौत की एक ऐसी खौफनाक स्क्रिप्ट लिखी गई, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया. एक शख्स की हत्या करने के बाद उसे आत्महत्या का रूप देने के लिए शातिर दिमाग से हर मोहरा बेहद सलीके से चला गया था, लेकिन पुलिस ने महज 12 घंटे के भीतर इस पूरी वारदात की परतों को उधेड़ कर रख दिया. पुलिस ने इस मामले में दो सगी बहनों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने मिलकर इस पूरी खूनी साजिश को अंजाम दिया था.
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12 घंटे में बेनकाब हुई खूनी साजिश
इस पूरे खूनी खेल का खुलासा तब हुआ जब 29 जून को ट्रोनिका सिटी के रहने वाले समीर खान उर्फ नासिर ने पुलिस थाने पहुंचकर अपने भाई जाकिर की संदिग्ध मौत के संबंध में एक तहरीर दी. पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी. पुलिस टीम ने सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज और मैनुअल इनपुट की मदद से जांच का चक्रव्यूह बुना, जिसमें दो सगी बहनें आकर फंस गईं. पुलिस ने मुख्य आरोपी किरण (निवासी छोटी सराय, बुलंदशहर) और उसकी सगी बहन कशिश (निवासी रिठावली, बुलंदशहर) को धर दबोचा. आरोपियों की निशानदेही पर जब हत्या में इस्तेमाल किया गया सामान बरामद हुआ तो पूरी साजिश बेनकाब हो गई.
13 साल की बेटी पर गलत नजर बनी हत्या की वजह
पुलिस कस्टडी में पूछताछ के दौरान मुख्य आरोपी किरण ने इस खौफनाक वारदात की जो वजह बताई, वह चौंकाने वाली थी. किरण पिछले करीब 8-9 महीनों से मूल रूप से रामपुर निवासी जाकिर के साथ ट्रोनिका सिटी की पूजा कॉलोनी में लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थी. उस घर में किरण के साथ उसकी 13 साल की बेटी और दो बेटे भी रहते थे. शुरुआत में जाकिर और किरण की दोस्ती गौतम बुद्ध नगर में हुई थी, जहां वे पास-पास ही किराए के मकान में रहते थे. पूछताछ में किरण ने बताया कि उसे जाकिर पर यह भयानक शक था कि वह उसकी 13 वर्षीय नाबालिग बेटी पर गलत नजर रखता है. बस इसी शक और गुस्से की वजह से उनके बीच आपस में झगड़ा हुआ और किरण के भीतर एक कातिल ने जन्म ले लिया.
20 दिन पहले बुना गया मौत का जाल
जाकिर को रास्ते से हटाने के लिए किरण ने करीब 20 दिन पहले ही अपनी सगी बहन कशिश को बुलंदशहर से गाजियाबाद बुला लिया था. दोनों बहनों ने मिलकर बंद कमरे में जाकिर की हत्या का एक खौफनाक प्लान तैयार किया. 23 जून की सुबह साजिश के पहले हिस्से के तहत जाकिर के ही मोबाइल से एक ओला (Ola) कैब बुक की गई और किरण के बच्चों को घर से बाहर भेज दिया गया. इसके बाद घर में सिर्फ तीन ही लोग बचे थे- जाकिर, किरण और कशिश. जैसे ही मौका मिला, किरण ने एक भारी डंडे से जाकिर के सिर पर जोरदार वार कर दिया, जिससे वह संभल नहीं पाया और बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ा. इसके तुरंत बाद दोनों बहनों ने मिलकर एक गमचे से जाकिर का गला तब तक घोटा जब तक कि उसकी सांसें हमेशा के लिए थम नहीं गईं.
मर्डर को सुसाइड दिखाने का ड्रामा
वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों बहनों ने सबूतों को मिटाने और पुलिस को गुमराह करने का खेल शुरू किया. उन्होंने हत्या में इस्तेमाल किए गए डंडे को घर की छत पर पानी की टंकी के पीछे छिपा दिया. इसके बाद इस मर्डर को सुसाइड का रूप देने के लिए उन्होंने उसी गमछे को पंखे से बांधकर आत्महत्या का एक फर्जी दृश्य (सीन) तैयार किया. साजिश यहीं खत्म नहीं हुई, किरण ने अचानक शोर मचाया और जाकिर के भाई को फोन कर रोते हुए आत्महत्या की झूठी कहानी सुनाई. किसी को कोई शक ना हो, इसके लिए वह खुद जाकिर को अस्पताल भी लेकर गई थी ताकि यह पूरी तरह से सुसाइड का मामला लगे.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुला राज
दोनों बहनों को लग रहा था कि उनका यह 'परफेक्ट मर्डर' कभी पकड़ा नहीं जाएगा, लेकिन अस्पताल से लेकर घर तक उन्होंने जो झूठी कहानी रची थी, वह पुलिस की गहन जांच के सामने ताश के पत्तों की तरह बिखर गई. पुलिस के मुताबिक, जाकिर की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद इस बात की पूरी तरह से पुष्टि हो गई कि उसकी मौत गला घोंटने (Strangulation) की वजह से हुई थी. फिलहाल पुलिस ने हत्या की वारदात में इस्तेमाल किया गया आला-ए-कत्ल यानी वह भारी डंडा और गमछा बरामद कर लिया है. जाकिर की लिव-इन पार्टनर किरण और उसकी बहन कशिश अब सलाखों के पीछे हैं और पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है.
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