उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में 28 मई को हुई 11वीं कक्षा के छात्र सूर्या चौहान की निर्मम हत्या के बाद सूबे की राजनीति पूरी तरह गरमा गई है. मामले के मुख्य आरोपी असद के पुलिस मुठभेड़ में ढेर होने के बाद, समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता अमीक जमई के एक बयान ने इस आग में घी का काम किया है. सपा प्रवक्ता के बयान पर उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर का गुस्सा फूट पड़ा है. उन्होंने सोशल मीडिया पर मोर्चा खोलते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव को आड़े हाथों लिया है.
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क्या है पूरा मामला?
गाजियाबाद के खोड़ा इलाके की नवनीत विहार कॉलोनी के रहने वाले 17 वर्षीय सूर्या चौहान पर 28 मई को चाकू से ताबड़तोड़ हमला किया गया था. इलाज के दौरान सूर्या ने दम तोड़ दिया. पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी असद और सूर्या दोस्त थे और बाइक चलाने को लेकर हुए मामूली विवाद में यह वारदात हुई. हालांकि, पीड़ित परिवार का आरोप है कि सूर्या को साजिश के तहत फोन कर बुलाया गया और घात लगाकर बैठे हमलावरों ने उस पर वार किया.
घटना के बाद फरार चल रहे मुख्य आरोपी असद पर पुलिस ने 25,000 रुपये का इनाम घोषित किया था. रविवार तड़के खोड़ा इलाके में ही पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में असद गोली लगने से घायल हो गया, जिसकी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई.
सपा प्रवक्ता के किस बयान पर भड़के राजभर?
असद के एनकाउंटर पर समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता अमीक जमई ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि दोनों बच्चे नाबालिग थे. उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे 'बलि के बाद दोबारा चिराग की हत्या' जैसा बताया और कहा कि उत्तर प्रदेश में पुलिस का कोई खौफ नहीं रह गया है.
मुंह में दही जमाकर बैठे हैं अखिलेश- ओम प्रकाश राजभर
सपा प्रवक्ता के इस बयान पर कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पहले ट्विटर) पर एक लंबा-चौड़ा पोस्ट लिखकर तीखा पलटवार किया. राजभर ने लिखा:
"अखिलेश यादव जी, जरा अपने प्रवक्ताओं को इंसानियत का पाठ पढ़ाइए. बकरीद पर आपके वोटर असद ने मासूम सूर्या चौहान की कुर्बानी दे दी और सोशल मीडिया पर फक्र से वीडियो डालता रहा. जब पुलिस ने उसे मुठभेड़ में ठोका तो आपके प्रवक्ता छाती कूट रुदाली गान करने लगे."
राजभर ने सपा के 'PDA' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) नारे पर तंज कसते हुए कहा कि क्या सपा को 'पीट देगा अहिर और पीट देगा अल्पसंख्यक' वाली सफाई वाली व्यवस्था चाहिए? उन्होंने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि 17 साल के मासूम की हत्या पर संवेदना के दो शब्द भी नहीं फूटे और वोट बैंक के लिए नेता इतने घटिया स्तर पर उतर आए हैं.
राजभर ने आगे कहा कि जब अगली बार 'ट्विटर, एसी और पीसी' वाले नेताजी प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे, तो असद के एनकाउंटर पर मातम मनाते दिखेंगे, लेकिन पिछले कुछ दिनों में अमेठी, चंदौली और लखनऊ जैसे जिलों में बहुजनों पर हुए अत्याचारों पर इनका मुंह नहीं खुलेगा.इस हत्याकांड और एनकाउंटर के बाद उत्तर प्रदेश में सियासी आरोप-प्रत्यारोप का दौर लंबा खिंचने के आसार नजर आ रहे हैं.
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