13 साल कोमा में रहने के बाद हरीश राणा ने 24 मार्च को शाम 4: 10 बजे एम्स में अंतिम सांस ली. सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक इच्छा मृत्यु फैसले के बाद उनका निधन हुआ और आज(25 मार्च) सुबह 8: 30 बजे उनका पार्थिव शरीर दिल्ली के ग्रीन पार्क स्थित शक्ति मुक्ति धाम पहुंचाया गया. परिवार के सदस्यों, करीबी दोस्तों और ब्रह्मकुमारी ओम शांति संस्था से जुड़े लोगों ने उन्हें अंतिम विदाई दी. विश्राम स्थल को गुलाब के फूलों से सजाया गया था जहां पिंडदान की पूजा की गई.
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भावुक माहौल में हुई अंतिम विदाई
परिवार के लोग और संस्था के सदस्य शैया के पास खड़े होकर आंसू बहाते नजर आए. ब्रह्मकुमारी गाजियाबाद की चीफ लवली दीदी सहित कई लोग मौके पर मौजूद रहे. भाई, परिवारजन और करीबी दोस्तों की आंखें नम थीं जब उन्होंने आखिरी बार हरीश को देखा.
एम्स से सीधे पहुंचा पार्थिव शरीर
एम्स के ठीक पीछे स्थित ग्रीन पार्क के शक्ति मुक्ति धाम में पिंडदान और अन्य धार्मिक रस्मों के बाद अंतिम संस्कार की तैयारियां पूरी की गईं. संस्था के सदस्यों ने शरीर पर माला चढ़ाई. परिवार ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उन्हें पंचतत्व में विलीन किया. हरीश राणा लंबे समय से कोमा में थे और सुप्रीम कोर्ट से मिली इजाजत के बाद ही उनका इलाज बंद किया गया था.
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