'उसे सिर्फ पैसा और...', सलीम वास्तिक के भाई मुजफ्फर हसन ने बताई वो बात जो अब तक नहीं आई थी बाहर! 

यूट्यूबर सलीम वास्तिक को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. वह 1995 में एक बच्चे की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा पा चुका था और 26 साल से फरार था. पहचान बदलकर वह सोशल मीडिया स्टार बन गया था.

Ghaziabad Salim Vastik attacked
Ghaziabad Salim Vastik attacked

शरद मलिक

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उत्तर प्रदेश और दिल्ली से जुड़ा पुराना सनसनीखेज मामला एक बार फिर सुर्खियां में हैं. खुद को सोशल मीडिया पर यूट्यूबर बताने वाला सलीम वास्तिक अब दिल्ली पुलिस के शिकंजे में है. उनकी गिरफ्तारी के बाद 1995 का वो खौफनाक केस एक बार फिर से चर्चा में है, जिसमें सलीम की गिरफ्तारी हुई है. 

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कौन हैं सलीम, जो 31 साल पुलिस का छकाता रहा?

सलीम वास्तिक का जन्म 1972 में शामली के नानूपुरा मोहल्ले में हुआ था. शुरुआती दौर में वह शाओलिन कुंगफू की ट्रेनिंग लेकर दिल्ली आ गया. इसके बाद दरियागंज में मार्शल आर्ट्स इंस्ट्रक्टर के रूप में काम करना शुरू किया. इसी दौरान उसने जैकेट सप्लाई का छोटा कारोबार भी शुरू किया, लेकिन यहीं से उसकी जिंदगी ने गलत मोड़ ले लिया.

भाई मुजफ्फर हसन ने क्या बताया?

सलीम की गिरफ्तारी पर उसके बड़े भाई मुजफ्फर हसन का कहना है कि सलीम बहुत पहले ही गलत रास्ते पर निकल गया था. मुजफ्फर के मुताबिक, उसे सिर्फ पैसा और रसूख चाहिए था, जिसके लिए उसने परिवार को भी छोड़ दिया. परिवार ने सालों पहले ही उससे नाता तोड़ लिया था.

क्या है 1995 का अपहरण और हत्या का मामला

दरअसल, सलीम को जिस केस में पुलिस ने फिर से गिरफ्तार किया है वह मामला 1995 का है, उत्तर-पूर्वी दिल्ली के एक कारोबारी का 13 साल का बेटा संदीप बंसल अचानक गायब हो गया था. परिवार को 30 हजार रुपये की फिरौती के लिए कॉल आया लेकिन कुछ दिनों बाद यह मामला अपहरण से हत्या में बदल गया.

जांच के दौरान शक सलीम खान पर गया, जो उसी स्कूल में मार्शल आर्ट्स ट्रेनर था जहां बच्चा पढ़ता था. पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल किया और अपने साथी अनिल का नाम भी लिया. बाद में बच्चे का शव बरामद हुआ.

उम्रकैद की सजा और फिर फरारी

साल 1997 में अदालत ने सलीम और उसके साथी को उम्रकैद की सजा सुनाई. हालांकि साल 2000 में उसे हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत मिल गई. इसके बाद वह अदालत में वापस नहीं लौटा और फरार हो गया.

पहचान बदली, यूट्यूबर बनकर नई जिंदगी

फरारी के दौरान सलीम ने अपनी पहचान बदल ली और ‘सलीम वास्तिक’ नाम से नई जिंदगी शुरू कर दी. वह हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में छिपता रहा. सोशल मीडिया पर उसने ‘Salim Vastik 0007’ नाम से यूट्यूब चैनल बनाया और अपनी नई छवि गढ़ने लगा.

यह भी सामने आया कि उसकी जिंदगी पर फिल्म बनाने के लिए एक प्रोड्यूसर ने उसे 15 लाख रुपये एडवांस तक दिए थे.

लोनी में हमला और फिर गिरफ्तारी

पहले साल गाजियाबाद के लोनी इलाके में उस पर जानलेवा हमला हुआ, जिसमें उसे 14 चाकू मारे गए. इस मामले में यूपी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को मुठभेड़ में मार गिराया.

इसी दौरान दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच को जानकारी मिली कि यूट्यूब पर सक्रिय यह व्यक्ति वही पुराना फरार आरोपी है. जांच के बाद फिंगरप्रिंट और रिकॉर्ड मिलाए गए और आखिरकार उसे लोनी से गिरफ्तार कर लिया गया.

दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच के डीसीपी संजीव यादव के अनुसार, सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए टीम ने सलीम वास्तिक को गिरफ्तार किया. अब उससे मामले में आगे पूछताछ की जा रही है.

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