यूपी में 6 महीने से गायब सीनियर IAS समीर वर्मा कौन हैं? नई पोस्टिंग मिलने के बाद भी नहीं की जॉइनिंग

IAS Sameer Verma Missing: उत्तर प्रदेश में 2002 बैच के IAS अधिकारी समीर वर्मा पिछले 6 महीने से बिना सूचना गायब हैं. नई पोस्टिंग मिलने के बावजूद उन्होंने जॉइनिंग नहीं की, जिससे प्रशासन में हड़कंप मच गया है. जानिए कौन हैं समीर वर्मा, उनका पूरा करियर, स्टडी लीव विवाद और अब उनके खिलाफ क्या कार्रवाई हो सकती है.

IAS Sameer Verma News
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संतोष शर्मा

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उत्तर प्रदेश में इस वक्त एक IAS की खूब चर्चा हो रही है. चर्चा उनकी किसी काम या बहादुरी को लेकर नहीं बल्कि 6 महीने से गैरहाजिरी को लेकर हो रही है. दरअसल यूपी कैडर के 2002 बैच के IAS अधिकारी समीर वर्मा पिछले 6 महीने बिना किसी सूचना के गायब है. प्रशासनिक हलकों में उस वक्त हलचल तेज हो गई जब पता कि समीर वर्मा अक्टूबर 2025 से बिना किसी आधिकारिक अनुमति के छुट्टी पर है. यहीं नहीं उन्होंने अपनी नई नियुक्ति का कार्यभार भी नहीं संभाला है, जिस पर प्रशासन पर सख्त हो गया है और अब एक्शन की तैयारी की जा रही है. आइए विस्तार से जानते हैं पूरा मामला.

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IG स्टाम्प पद से हटाने के बाद शुरू हुआ विवाद

यह पूरा मामला जून 2025 से शुरू हुआ, जब समीर वर्मा को IG स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन के पद से हटा दिया गया था. इसके बाद उन्हें अक्टूबर 2025 में शासन ने उन्हें 'सचिव, नियोजन विभाग' के पद पर तैनात किया. लेकिन उन्होंने इस नए नियुक्ति को लेकर कोई रुचि नहीं दिखाई और ना ही नौकरी जॉइन की है.

MBA करने के लिए मांगी थी स्टडी लीव

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, IG स्टाम्प पद से हटाए जाने के बाद समीर वर्मा ने MBA की पढ़ाई करने के लिए स्टडी लीव मांगी थी, लेकिन शासन ने उनकी यह छुट्टी नामंजूर कर दी. इसके बावजूद भी बिना किसी आधिकारिक रूप से छुट्टी पर चले गए. अब प्रशासन ने सख्ती दिखाई है और उनके 6 महीनों से गैरहाजिरी को गंभीरता से लिया गया है.

क्या कहता है नियम?

प्रशासनिक नियमावली के तहत बिना पूर्व सूचना या अनुमति के लंबे समय तक कार्य से अनुपस्थित रहना गंभीर कदाचार और सेवा नियमों का उल्लंघन है. ऐसे कृत्यों पर अनिवार्य रूप से विभागीय जांच और अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रावधान . इसी आधार पर वरिष्ठ IAS अधिकारी समीर वर्मा के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही शुरू कर दी गई है. एक वरिष्ठ अधिकारी की इस अनधिकृत अनुपस्थिति ने प्रशासनिक अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, जिससे विभागीय कामकाज भी बाधित हुआ है. वर्तमान में शासन स्तर पर मामले की गहन समीक्षा की जा रही है और आगामी कदम सेवा नियमावली के सुसंगत प्रावधानों के तहत उठाए जाएंगे.

कौन हैं IAS समीर वर्मा?

मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के मुताबिक IAS समीर वर्मा 2002 बैच के अधिकारी है. उन्होंने साल 2021 में UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास की थी और उनका सिलेक्शन भारतीय प्रशासनिक सेवा के लिए किया गया था. वे मूल रूप से मध्य प्रदेश के ग्वालियर के रहने वाले है. समीर वर्मा ने मैथ्स में ग्रेजुएशन और एलएलबी की डिग्री हासिल की है.  

समीर वर्मा के पास एक लंबा और व्यापक प्रशासनिक अनुभव है. उन्होंने फर्रुखाबाद और प्रयागराज में बतौर संयुक्त मजिस्ट्रेट अपनी सेवाएं दीं, जबकि बरेली, शाहजहांपुर और महोबा में मुख्य विकास अधिकारी व जिलाधिकारी की भूमिका निभाई. इसके अतिरिक्त, उन्होंने हरदोई, हमीरपुर, लखीमपुर खीरी, मुरादाबाद, वाराणसी, मथुरा, कानपुर नगर, झांसी और मेरठ जैसे महत्वपूर्ण जिलों के जिलाधिकारी के रूप में भी शासन की कमान संभाली है.

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