IIT baba marriage: प्रयागराज महाकुंभ के दौरान सोशल मीडिया पर एक चेहरा खूब वायरल हुआ था. लोगा उन्हें IIT वाले बाबा के नाम से जानती है. मूल रूप से हरियाणा के झज्जर जिले के रहने वाले अभय सिंह ने अब शादी कर ली है. अभय सिंह ने एक महिला इंजीनियर प्रीतिका के साथ शादी रचाई है. यह खबर तब सामने आई जब यह नवविवाहित जोड़ा पहली बार झज्जर स्थित अपने घर पहुंचा. सोशल मीडिया पर लोग इस जोड़े के बारे में जानने के लिए काफी उत्सुक हैं क्योंकि अभय सिंह ने अध्यात्म के लिए लाखों का पैकेज छोड़ दिया था.
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इंजीनियर दुल्हन के साथ शुरू किया आध्यात्मिक सफर
IIT वाले बाबा की पत्नी प्रीतिका कर्नाटक की रहने वाली हैं और वह खुद भी एक आईटी प्रोफेशनल हैं. बताया जा रहा है कि दोनों की मुलाकात करीब एक साल पहले कोयंबटूर में सद्गुरु के आश्रम के दौरान हुई थी. विचारों के तालमेल और अध्यात्म के प्रति समान लगाव के कारण दोनों ने साथ चलने का फैसला किया. अब यह जोड़ा केवल पति-पत्नी ही नहीं बल्कि एक-दूसरे के आध्यात्मिक साथी भी हैं. प्रीतिका एक शिक्षित परिवार से ताल्लुक रखती हैं और अब वह अभय सिंह के मिशन में उनका हाथ बंटा रही हैं.
हिमाचल के मंदिर में हुई गुपचुप शादी और फिर कोर्ट मैरिज
अभय सिंह और प्रीतिका की शादी दो बार संपन्न हुई. पहली बार उन्होंने 15 फरवरी 2026 को महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में स्थित ऐतिहासिक अघंजर महादेव मंदिर में पारंपरिक रीति-रिवाजों से शादी की. इसके बाद कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के लिए 19 फरवरी 2026 को इस शादी का रजिस्ट्रेशन कराया गया. शुरुआत में इस शादी को निजी रखा गया था लेकिन हाल ही में जब बैंक के केवाईसी काम के लिए अभय सिंह अपनी पत्नी के साथ झज्जर पहुंचे तो यह जानकारी सार्वजनिक हो गई.
झज्जर में बहू का जोरदार स्वागत
जब IIT वाले बाबा अपनी पत्नी प्रीतिका के साथ अपने गांव ससुरली पहुंचे तो वहां उत्सव जैसा माहौल था. उनकी मां शीला देवी ने तिलक लगाकर और आरती उतारकर बहू का गृह प्रवेश कराया. प्रीतिका ने सिर पर मंगल कलश रखकर घर में कदम रखा. अभय सिंह के पिता करण सिंह झज्जर कोर्ट में जाने-माने वकील हैं. शादी के बाद पहली बार घर आने पर परिवार और ग्रामीणों ने इस जोड़े को ढेर सारा आशीर्वाद दिया.
36 लाख का पैकेज छोड़कर बने थे सन्यासी
अभय सिंह की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है. उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIT बॉम्बे से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में बीटेक किया था. दावा किया जाता है कि उन्होंने कनाडा में करीब 36 लाख रुपये के सालाना पैकेज पर नौकरी भी की. हालांकि उनका मन भौतिक सुख-सुविधाओं में नहीं लगा और वह अध्यात्म की खोज में भारत लौट आए. नौकरी छोड़कर उन्होंने सन्यास का रास्ता चुना और महाकुंभ के दौरान अपने ज्ञान और सादगी के कारण सुर्खियों में आए.
जानें अभय सिंह और प्रीतिका की भविष्य की योजना
शादी के बाद भी इस जोड़े का लक्ष्य बदला नहीं है. अभय सिंह और प्रीतिका मिलकर अब एक आध्यात्मिक यूनिवर्सिटी बनाने की योजना पर काम कर रहे हैं. उनका उद्देश्य प्राचीन भारतीय ज्ञान और साधना पद्धतियों को फिर से जीवित करना है. प्रीतिका ने बताया कि वे 'श्री डॉट फाउंडेशन' के जरिए लोगों को ऑनलाइन साधना और क्रियाओं से जोड़ रहे हैं. उनका मानना है कि युवाओं को अपनी जड़ों और साधना से जुड़ना चाहिए. फिलहाल यह जोड़ा हिमाचल के धर्मशाला में रहकर अपने इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ा रहा है.
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