IIT कानपुर में एडमिशन नहीं मिला तो छात्र ने हैक कर डाली वेबसाइट, FIR की जगह डायरेक्टर ने दिया इंटर्नशिप का ऑफर

सिमर चावला

• 01:07 PM • 29 Jul 2026

IIT Kanpur hacking case: IIT कानपुर के साइबर सिक्योरिटी प्रोग्राम में दाखिला नहीं मिलने से नाराज छात्र ने संस्थान की वेबसाइट हैक कर दी. मामले में FIR की तैयारी थी, लेकिन निदेशक प्रो. मनिंद्र अग्रवाल ने अलग रास्ता चुना. अब छात्र की प्रतिभा की जांच होगी और सफल होने पर उसे इंटर्नशिप का मौका भी मिल सकता है.

नहीं मिला एडिमशन तो स्टूडेंट ने हैक की वेबसाइट,
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IIT Kanpur student hack website: IIT कानपुर में बीटेक साइबर सिक्योरिटी में दाखिला नहीं मिलने से नाराज एक छात्र ने ऐसा कदम उठा लिया, जिसने पूरे संस्थान के सुरक्षा तंत्र को सवालों के घेरे में ला दिया. दरअसल, छात्र ने IIT कानपुर की आधिकारिक वेबसाइट को हैक कर लिया. इतना ही नहीं हैक करने के बाद छात्रा ने वेबसाइट पर एक मैसेज भी छोड़ा दिया. बता दें आमतौर पर इस तरह के मामलों में FIR और कानूनी कार्रवाई तय मानी जाती है, लेकिन IIT कानपुर के निदेशक प्रो. मनिंद्र अग्रवाल ने इस मामले में जो कदम उठाया अब उसकी चर्चा हर तरफ हो रही है. 

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क्या है पूरा मामला?

दरअसल, IIT कानपुर के बी.टेक साइबर सिक्योरिटी प्रोग्राम में एडमिशन नहीं हाेने से एक छात्र काफी निराश था. ऐसे मे उसने अपनी काबिलियत साबित करने के लिए उसने संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट को हैक कर लिया. वेबसाइट पर उसने मैसेज लिखा कि "Site is Hacked, All I Need is Just a Fair Chance." छात्र का कहना था कि उसका मकसद किसी प्रणाली को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि केवल अपना हुनर दिखाना था.

सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैकिंग के स्क्रीनशॉट

घटना के बाद छात्र ने एक्स (X) और रेडिट (Reddit) जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हैकिंग के स्क्रीनशॉट शेयर किए. उसने खुले तौर पर इस काम की जिम्मेदारी ली. उसने कहा कि वह सिर्फ ये संदेश देना चाहता था कि उसमें साइबर सुरक्षा से जुड़ी गहरी समझ है. उसका एकमात्र उद्देश्य संस्थान का ध्यान खींचना और अपनी प्रतिभा के दम पर अवसर पाना था.

FIR की जगह निदेशक ने लिया ये फैसला

शुरुआत में IIT कानपुर प्रशासन ने इस सुरक्षा चूक के खिलाफ पुलिस में FIR दर्ज कराने का विचार किया था. हालांकि, बाद में निदेशक प्रो. मनिंद्र अग्रवाल ने छात्र के भविष्य को देखते हुए कड़ा रुख अपनाने के बजाय उसकी प्रतिभा की जांच करने का निर्णय लिया. संस्थान अब छात्र को बुलाकर उसका साइबर सुरक्षा परीक्षण लेगा, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसका दावा कितना सच है.

IIT कानपुर के C3iHub में मिल सकता है अवसर

निदेशक प्रो. मनिंद्र अग्रवाल के अनुसार, छात्र पूर्व में आयोजित हैकाथॉन के दौरान अपनी क्षमता सिद्ध नहीं कर पाया था. हालांकि, यदि वह आगामी परीक्षा में सफल होता है, तो उसे संस्थान के C3iHub सेंटर में इंटर्नशिप का मौका दिया जा सकता है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि छात्र अगले साल दोबारा प्रवेश के लिए प्रयास कर सकता है. संस्थान पहले भी सीबीएसई पोर्टल की कमियां बताने वाले एक शोधकर्ता को अपने साथ जोड़ चुका है.

कानूनी रास्ता अपनाने की सख्त हिदायत

IIT कानपुर प्रशासन ने इस कदम के साथ ही अन्य छात्रों के लिए एक स्पष्ट संदेश भी जारी किया है. निदेशक ने कहा कि किसी भी अवसर को पाने के लिए साइबर हमला करना गलत तरीका है. योग्य छात्रों को सीधे अपना बायोडाटा (CV) भेजना चाहिए, जहां उन्हें इंटर्नशिप या नौकरी के लिए विचार में लिया जाएगा. छात्रों को हमेशा वैध और कानूनी तरीकों का ही पालन करना चाहिए.

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