Jaipur Unemployed Protest News: राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित शहीद स्मारक पर बेरोजगार युवाओं और अभ्यर्थियों का अनोखा प्रदर्शन जारी है. अभ्यर्थी सरकारी भर्तियों में 1 साल की प्रतीक्षा सूची (वेटिंग लिस्ट) नियम को प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग को लेकर अड़े हुए हैं. इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में युवा और महिलाएं हिस्सा ले रही हैं. मामले में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल ने भी अभ्यर्थियों की मांगों का समर्थन किया है.
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बजट में हुई घोषणा के बाद भी वादा खिलाफी का आरोप
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि बजट सत्र के दौरान वित्त मंत्री ने प्रक्रियाधीन भर्तियों में प्रतीक्षा सूची के नियम लागू करने की बात कही थी. इसके बाद 4 जून को कार्मिक विभाग ने भी इस संबंध में पत्र जारी किया था. हालांकि, अभ्यर्थियों का आरोप है कि सरकार ने वादा करने के बावजूद इसे धरातल पर लागू नहीं किया है. अभ्यर्थियों का कहना है कि 4 जून के बाद जिन भी भर्तियों का परिणाम आया है, उन सभी में यह नियम लागू किया जाना चाहिए ताकि पात्र युवाओं को न्याय मिल सके.
चतुर्थ श्रेणी भर्ती में 20 हजार से ज्यादा सीटें खाली होने का खतरा
अभ्यर्थियों का कहना है कि चतुर्थ श्रेणी भर्ती, जो कि राज्य की सबसे बड़ी 54,000 पदों की भर्ती है, उसमें कम से कम 20,000 पद खाली रहने की आशंका है. इसका मुख्य कारण यह है कि इस भर्ती में थर्ड ग्रेड, सेकंड ग्रेड, फर्स्ट ग्रेड और आरएस स्तर तक के अभ्यर्थियों ने भी परीक्षा दी थी. जब उनका चयन उच्च पदों (जैसे बीडीओ, पटवारी आदि) पर हो जाता है, तो वे चतुर्थ श्रेणी पद की नौकरी छोड़ देते हैं. इससे सीटें खराब हो जाती हैं और प्रतीक्षा सूची में शामिल योग्य अभ्यर्थियों को मौका नहीं मिल पाता.
धरने में शामिल हुईं 400 से 500 विधवा महिलाएं
इस प्रदर्शन में केवल युवा ही नहीं, बल्कि लगभग 400 से 500 की संख्या में विधवा महिलाएं भी पहुंची हैं. अभ्यर्थियों का कहना है कि 35 से 40 वर्ष की उम्र में पहुंचे युवाओं के पास सरकारी नौकरी पाने का यह अंतिम अवसर है. कई अभ्यर्थी दोगुना सत्यापन (डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन) में भी चयनित हो चुके हैं, फिर भी उन्हें नियुक्ति के लिए प्रतीक्षा सूची लागू होने का इंतजार करना पड़ रहा है.
हनुमान बेनीवाल का मिला समर्थन, 'रूल नहीं तो वोट नहीं' का दिया नारा
प्रदर्शनकारियों ने 'रूल नहीं तो वोट नहीं' का नारा बुलंद किया है. अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, वे धरना स्थल से नहीं हटेंगे. आरएलपी प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने भी इस मामले को लेकर सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से सरकार के समक्ष बात उठाई है. उन्होंने अभ्यर्थियों को दूरभाष के जरिए संबोधित करने और प्रशासनिक अधिकारियों से बात कर समस्या का हल निकालने का आश्वासन दिया है. अभ्यर्थियों का कहना है कि अगर सरकार ने उनकी बात नहीं मानी तो वे अपना आंदोलन और तेज करेंगे.
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