दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित छात्र आंदोलन से लौट रहे दो छात्रों के साथ कथित मारपीट और बदसलूकी का मामला लगातार गर्माता जा रहा है. इस घटना का वीडियो आरोपी सत्यम पंडित द्वारा ही बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर किया गया था, जिसमें उसने आपत्तिजनक टिप्पणी लिखी थी. मामला सामने आने के बाद समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव और आप नेता संजय सिंह समेत कई नेताओं ने सरकार और पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाए हैं. इस बीच यूपी तक ने पीड़ित छात्र से खास बातचीत की, जिसने घटना के वक्त का पूरा खौफनाक मंजर बयां किया.
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गुरुद्वारे से निकलते ही 6 लोगों ने घेरा
बरेली के रहने वाले 16 साल के छात्र आयुष रंजन (BSc प्रथम वर्ष) ने बताया कि वह 23 तारीख को जंतर-मंतर पर जारी छात्र आंदोलन में शामिल होने दिल्ली गए थे. रात में वह अपने दोस्त के साथ एक गुरुद्वारे में रुके.
आयुष के मुताबिक, अगली सुबह करीब 5 बजे जब हम सोकर उठे और गुरुद्वारे से लगभग 200 मीटर आगे बढ़े, तभी सत्यम पंडित और उसके साथियों ने हमें घेर लिया. उनकी कार में करीब 6 लोग सवार थे. आरोपी सत्यम पंडित ने मेरे दोस्त का गला पकड़ लिया और उसके साथ मारपीट की. उन लोगों ने हमें लगातार गालियां दीं, डराया-धमकाया और पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड किया.
आयुष ने बताया कि उस वक्त माहौल इतना खौफजदा था कि वे मदद के लिए कुछ समझ ही नहीं पा रहे थे. आयुष और उनका परिवार अब आरोपी पर सख्त पुलिस कार्रवाई की मांग कर रहा है.
कौन है आरोपी सत्यम पंडित?
गाजियाबाद के पटेल नगर (सिहानी गेट थाना क्षेत्र) का रहने वाला सत्यम पंडित खुद को 'हिंदू वीर सेना' का राष्ट्रीय अध्यक्ष और धर्म रक्षक बताता है. सत्यम पंडित का विवादों से पुराना नाता रहा है:
- अगस्त 2024: बांग्लादेशी और रोहिंग्या समुदाय पर भड़काऊ टिप्पणी मामले में गिरफ्तारी हुई थी.
- फरवरी 2026: मीट की दुकानें बंद करवाने के दौरान मीट विक्रेताओं के साथ मारपीट के आरोप में पुलिस एक्शन हुआ था.
- 20 जुलाई 2026: कांवड़ यात्रा में मुस्लिम अधिकारियों के हस्तक्षेप को लेकर भी विवादित वीडियो पोस्ट किया था.
फिलहाल, पीड़ित छात्र के परिवार और विपक्षी दलों की ओर से आरोपी के खिलाफ कड़ी एफआईआर और गिरफ्तारी की मांग की जा रही है.
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